देहात कोतवाली क्षेत्र में बस-ट्रैक्टर ट्राली व
कार की हुई भिड़ंत में एक और बाराती की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे
मरने वालों की संख्या आठ हो गई, वहीं घटना के बाद भांवरें नहीं पड़ सकी।
दुल्हन के स्थान पर दूल्हे के घर उसके पिता व बहन का शव पहुंचा, जिससे
कोहराम मच गया।
ज्ञात हो कि देहात कोतवाली क्षेत्र में
बुधवार की रात शाहजहांपुर रोड़ पर एक निजी बस, ट्रैक्टर ट्राली और कार की
आपस में भिड़ंत हो गई थी। जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी और 36 से अधिक
घायल हो गए। घायलों में 18 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उपचार के दौरान एक और बाराती की मौत हो गई। मरने वालों में दूल्हा का
पिता, बहन व मामा भी शामिल हैं।
गुरुवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया गया।
पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया। वहीं अधिकतर घायलों को
घर भेज दिया गया। घटना के कारण शादी की रस्में नहीं हुईं। उधर, हादसे में
मरने वालों में दूल्हा शिवकरन के पिता वीरेंद्र, बहन सुलोचना, मामा सर्वेश
की भी मौत हो गई। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से परिवार मचा हुआ है।
दूल्हे
शिवकरन की मां गुरुवार को अपनी बहू के आगमन को लेकर तैयारियों में जुटी
थी, पर बुधवार की रात हुए हादसे में बाद उसके घर बहू तो नहीं पहुंची, पर
गुरुवार को उसके पति वीरेंद्र, पुत्री सुलोचना और भाई सर्वेश के शव पहुंचे।
जिन्हें देख उसके आंखें पथरा गई। उधर, घटना में मरने शाहजहांपुर निवासी
मोनू अपने माता पिता की इकलौती संतान थी।
वह नोएडा में सेक्टर 13 में कक्षा
सात में पढ़ता था। उसकी मौत से परिवार में मातम छाया हुआ था। वहीं लल्लू
राम दो भाई व दो बहन थे। सर्वेश के तीन पुत्रियां है। घटना से उसके परिवार
में पालनहार चला गया। वहीं राम लखन के दो पुत्री व एक पुत्र है। घटना में
मृत रामदेव चार भाइयों में सबसे छोटे थे। वहीं विमलेश दो भाई थे। उसका एक
बड़ा भाई है। वीरेंद्र के दो पुत्र और तीन पुत्रियां थी। सुलोचना सबसे छोटी
थी।