सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर 22 फरवरी को राष्ट्रीय
मासिक लोक अदालत के आयोजन को लेकर गुरुवार को विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव
सिविल जज श्याम शंकर ने जिले के बैंक अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने
बैंकर्स से उनकी कार्य योजना जानी।
इस दौरान भरोसा दिलाया कि विधिक सेवा
प्राधिकरण अपने स्तर से उनका पूरा सहयोग करेगा और प्रीलिटिगेशन के माध्यम
से बढ़ी संख्या में वादाें का निस्तारण किया जाए। बैंक अफसरों ने भी
प्राधिकरण सचिव को अपने सुझावों से अवगत कराया और अपील की कि ऋणी लोगों पर
यदि नोटिस का तामीला सही प्रकार से हो जाए तो बेहतर परिणाम आ सक ते हैं।
सचिव श्याम शंकर ने बताया कि बैंकों के ऋणी यदि लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन
के माध्यम से वादोें का निस्तारण कराते हैं, तो उन्हें काफी सहूलियतें भी
मिलती है। लोक अदालत में वाद निपटाने पर पक्षकार पर कोई भी पेनाल्टी या
अतिरिक्त अधिभार नहीं लगाया जाता है।
किश्तों के माध्यम से बकाया भुगतान
की सुविधा भी मिल जाती है। बैंकर्स ने अपील की कि ऋणी यदि अपना वाद 22
फरवरी को राष्ट्रीय मासिक लोक अदालत में निपटाना चाहते हैं, तो वे बैंक से
भी संपर्क कर सकते हैं।
बैठक में वरिष्ठ प्रबंधक इलाहाबाद बैंक वीके
मिश्रा, क्षेत्रीय प्रबंधक आर्यावर्त ग्रामीण बैंक वीके श्रीवास्तव, एलडीएम
बैंक आफ इंडिया पीके सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक पीएनबी वीके त्रिवेदी, विकास
अधिकारी इलाहाबाद बैंक जितेंद्र सिंह आदि लोग मौजूद थे।