नवजात को गोद में लेकर बैठी सोनी।
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हरपालपुर/हरदोई। दस दिन तक दूध पिलाने के बाद एक मां से नवजात को छीनकर लखनऊ शेल्टर हाउस भेज दिया गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चे को शेल्टर हाउस इसलिए भेजा गया है, क्योंकि उसने बच्चे को जन्म नहीं दिया था। बच्चा झाड़ियों में पड़ा मिला था।
अरवल थाना क्षेत्र के परचौली गांव में पांच जुलाई को एक नवजात (लड़का) पड़ा मिला था। नवजात के मिलने पर वहां मजमा लग गया। संभावना जताई गई कि लोकलाज के भय से किसी युवती ने नवजात को गांव के किनारे झाड़ियों में छोड़ दिया।
वहीं मौजूद गांव निवासी आशीष सिंह ने आगे बढ़कर उसे गोद में लिया और सीएचसी में उसकी नाल कटवाकर घर ले गए। आशीष ने नवजात को अरवल थाने के खद्दीपुर चैनसिंह निवासी बहन सोनी को सौंप दिया।
बच्चा मिलने के बाद सोनी की ममता जाग गई और उसने नवजात को दूध पिलाया लेकिन चाइल्ड हेल्थ केयर को जब इसकी भनक लगी तो वह कानूनी प्रक्रिया के बाद सोनी की सुपुर्दगी में ही नवजात को देने की बात कहकर ले गई, लेकिन जिले की कमेटी के निर्णय पर इस नवजात को बाल गृह लखनऊ भेज दिया गया।
नौ दिन तक दूध पिलाकर पालन पोषण करने वाली मां की ममता कानून के सामने हार गई जिससे उसका रो-रो कर बुरा हाल है। जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बाद भी नतीजा बेअसर रहा।