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इंटर कॉलेज के अनाथ भवन में खोल लिया टेंट हाउस

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फत्तेपुर गयंद में बने इंटर कालेज के भवन में खुला टेंट हाउस। संवाद - फोटो : HARDOI
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टोडरपुर। शाहाबाद तहसील क्षेत्र के ग्राम फत्तेपुर गयंद में 2004 में जब एक भवन का निर्माण शुरू हुआ तो ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्हें बताया गया था कि यहां सरकारी इंटर कालेज बन रहा है और इसका संचालन भी जल्द शुरू हो जाएगा। 2007 में निर्माण भी पूरा हो गया। लेकिन हाल ये है कि 13 साल बाद भी इंटर कालेज भवन का लोकार्पण नहीं हो पाया। यहां टेंट हाउस का संचालन हो रहा है। ऐसे में गांव के बच्चों को 16 किलोमीटर दूर पढ़ने जाना पड़ता है।
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टोडरपुर विकास खंड के ग्राम फत्तेपुर गयंद की आबादी लगभग आठ हजार है। आसपास के गांवों की आबादी भी मिला लें तो लगभग बीस हजार लोग इससे जुड़े हैं। वर्ष 2004-05 में शासन ने यहां इंटर कालेज का निर्माण शुरू कराया था।
2007 में भवन का निर्माण पूरा हो गया तो लोगों को उम्मीद जगी अब उनके बच्चों को सुलभ शिक्षा मिल सकेगी। दरअसल इस गांव के सात किलोमीटर की परिधि में कोई इंटर कालेज नहीं है। इसके बाद भी इंटर कॉलेज भवन का संचालन तो दूर की बात यहां गांव के ही कुछ रसूखदार लोगों ने टेंट हाउस खोल दिया है। निर्माण कार्यों के दौरान प्रयोग होने वाली शटरिंग (बांस बल्ली) भी कुछ कमरों में भरी है।
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कन्या प्राथमिक विद्यालय में तबेला, पैगूंसरॉय जाते बच्चे
फत्तेपुर गयंद में मानों शिक्षा के नाम पर खेल हो रहा है। लगभग बीस वर्ष पहले यहां कन्या प्राथमिक विद्यालय के भवन का निर्माण कराया गया था। यहां भी विद्यालय का संचालन नहीं हो पा रहा है। इस भवन को लोगों ने तबेला बना रखा है। अराजकतत्वों का जमावड़ा भी यहां लगता है। गांव के बच्चों को पढ़ाई के लिए पैंगू सराय जाना पड़ता है।
गांव निवासी धर्मगज सिंह ने बताया कि उनका पुत्र आकाश सिंह कक्षा 12 में आदर्श राष्ट्रीय इंटर कालेज शाहाबाद में पढ़ता है। इन दिनों तो ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है, वरना उसे 16 किलोमीटर दूर स्कूल जाना पड़ता है।
विनोद कुमार ने बताया कि उनकी पुत्री दिव्यांशी नेहरू कन्या इंटर कालेज शाहाबाद में कक्षा 12 की छात्रा है। अगर गांव में ही इंटर कालेज का संचालन शुरू हो गया होता तो उसे हर रोज शाहाबाद की दौड़ नहीं लगानी पड़ती।
गांव निवासी रतिराम ने बताया कि उनका भतीजा विनीत कुमार कक्षा दस का विद्यार्थी है। उसे 16 किमी दूर शाहाबाद पढ़ने जाना पड़ता है। इन दिनों मोबाइल और कंप्यूटर से पढ़ाई हो रही है। गांव में स्कूल चालू हो जाता तो बच्चों को दूर न जाना पड़ता।
अखिलेश कुमार ने बताया कि उसका पुत्र अंकुल कक्षा 12 का छात्र है। शाहाबाद में पढ़ता है। गांव का स्कूल चालू हो जाए तो अन्य बच्चों को लंबी दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
सीएम से संचालन को लेकर करेंगी बात
शाहाबाद की विधायक रजनी तिवारी ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से बात कर इंटर कॉलेज का संचालन शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही इस मामले में उनसे मुलाकात भी की जाएगी।
कई बाद अभिलेख खोजे जा चुके : डीआईओएस
जिला विद्यालय निरीक्षक वीके दुबे ने बताया कि काफी प्रयास के बाद भी ये नहीं पता चल पाया है कि उक्त भवन का निर्माण किस योजना के तहत और किसने कराया था। उन्होंने कहा कि उनके विभाग में इससे संबंधित कोई अभिलेख नहीं हैं। कई बार इससे संबंधित अभिलेख खोजे जा चुके हैं।
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