हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ब्लड बैंक के प्रयोगशाला सहायक को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के करीब सवा चार साल पुराने मामले में अपर जिला कोर्ट संख्या चार यशपाल ने 10 साल की सजा सुनाई है। उन्होंने साथ ही इसके 30,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भी काटनी होगी। निर्णय में कहा है कि जुर्माने की आधी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को भी देनी होगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमलेंद्र सिंह और सत्यम तिवारी ने बताया कि माधौगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने चार मार्च 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसके पति की मौत मार्च 2018 में हो गई थी। अभियुक्त का ससुराल पक्ष से दूर का बहनोई का रिश्ता है। सर्वेंद्र पीड़िता के घर आता-जाता था। पीड़िता की तबीयत 2020 में खराब हो गई थी। सर्वेंद्र उसे डॉक्टर को दिखाने के बहाने सुरसा लाया।
वहां पर उसके साथ दुष्कर्म किया था। इसके बाद उसने ने शादी का प्रलोभन देकर कई बार दुष्कर्म किया। कुछ दिन बाद जब शादी के लिए कहा तो मना करा दिया। कहने लगा कि उसने आपत्तिजनक फोटो खींच लिए है। वायरल करने की धमकी भी दी। इसकी शिकायत उसने कोतवाली में की लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर एसपी को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी।
एसपी के आदेश पर चार मार्च 2021 को रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने नौ जून 2021 को सर्वेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने दोषी व पीड़िता के नंबर की सीडीआर निकलवाई। जिसमें सामने आया था कि अभियुक्त और पीड़िता के बीच आठ माह में 1,612 बार बात हुई। अभियोजन पक्ष की तरफ से पांच गवाहों को पेश किया गया। आठ अभिलेखीय साक्ष्य भी दिए गए। दोनों पक्षों की तर्कों को सुनने और पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार अपर जिला जज ने सजा सुनाई है।