शहीद मेला के पांचवें दिन राष्ट्र निर्माण एवं नशा उन्मूलन संगोष्ठी जीजीआईसी में हुई, जिसमें छात्राओं को आदर्श राष्ट्र के निर्माण में बाधक तत्वों की जानकारी के साथ नशे के विरुद्ध घर से ही आवाज बुलंद करने की प्रेरणा दी। इसके अलावा बालिकाओं को उत्पीड़न न सहन करने और उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ खड़े रहने के बारे में भी बताया।
शहीद मेला के संयोजक आचार्य सत्यवीर प्रकाश आर्य ने छात्राओं को बताया कि पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, आशफाक उल्ला खां, रोशन सिंह और राजेंद्र लाहिड़ी ने जिस राष्ट्र को स्वाधीनता और आदर्श बनाने को अपनी जान न्योछावर कर दी, वह देश आज भ्रष्टाचार, जातिवाद और आतंकवाद के साये में पल रहा है।
दूषित व्यवस्था ने देश की नैतिक शाख को प्रभावित किया। देश को आज बालिकाआें के मेहनत और लगन की जरूरत है। उन्हें कठोर परिश्रम, सादगी के बल पर देश को गौरवान्वित करना होगा। कहा कि बालिकाओं को अपराध और गरीबी के प्रमुख कारण नशे के विरुद्ध अपने घरों से ही क्रांति शुरू करनी होगी। इस आंदोलन की अगुवाई महिलाएं करें, क्योंकि नशे में सबसे अधिक उत्पीड़न महिलाओं का किया जाता है।
संगोष्ठी में प्रधानाचार्य आशा कनौजिया, शालिनी शर्मा, मिथिलेश कुमारी, सुमन द्विवेदी, संगीता, प्रत्यूषा सिंह, किरन देवी, संध्या सिंह, शुचिता, रचना शुक्ला, सुषमा पांडेय, उषारानी सिंह, बदन सिंह, धर्मेंद्र अस्थाना, घनश्याम भास्कर, माधुरी देवी, रमेश गुप्ता मौजूद थे।