- गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा थीम पर होगा काम
- पंचायतीराज विभाग करेगा महिला बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के समन्वय से काम
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। पोषण पंचायत और विलेज हेल्थ सैनिटेशन एंड न्यूट्रीशेन डे (वीएचएसएनडी) से कुपोषण पर वार संभव है। पंचायतीराज विभाग ने महिला बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के समन्वय से गांवों में इस पर काम की तैयारी की है। वहीं शासन ने संभव अभियान 6.0 की थीम गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा दी है।
संभव अभियान 6.0 में गर्भास्था से बाल्यावस्था थीम पर काम किए जाने के दौरान जीवन चक्र आधारित दृष्टिकोण अपनाते हुए गर्भवती, धात्री महिलाओं और नवजात शिशुओं व बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाना है। अभियान में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की देखभाल के साथ ही इसकी रोकथाम के भी प्रबंध किए जाएंगे। पंचायतीराज विभाग के माध्यम से ग्राम पंचायतों में पोषण पंचायतों का आयोजन किया जाएगा। पंचायतों के माध्यम से लोगों में कुपोषण से बचाव और खात्मा के प्रति जागरूकता लाई जाएगी।
डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय ने बताया कि पंचायतीराज विभाग महिला बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार के साथ ही परिवार कल्याण विभाग के समन्वय से कुपोषण की रोकथाम संभव करेगा। पोषण पंचायत में खून की कमी वाली महिलाओं, किशोरियों को चिह्नित किया जाएगा। मातृ पोषण के प्रति लोगों में बदलाव लाना। बताया कि इसके लिए सभी सहायक विकास अधिकारियों पंचायत को जिम्मेदारी दी गई है। कहा गया है कि ग्राम और क्षेत्र पंचायतों के स्तर पर इस पर संवेदनशीलता से काम कराया जाना है।