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Hardoi News: मेडिकल कॉलेज में फिर दम तोड़ गई व्यवस्था, 40 मिनट बाद भी शव को नहीं मिला वाहन

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फोटो- 43- शव को लेकर जाती निजी एंबुलेंस। संवाद
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाएं आए दिन फजीहत का सबब बनी हुई हैं और आम आदमी को परेशान होना पड़ रहा है। सोमवार को एक बार फिर मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों की लापरवाही और संवेदनहीनता सामने आई, जहां एक मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों को शव वाहन के लिए घंटों भटकना पड़ा। करीब 40 मिनट तक फोन करने के बाद भी सरकारी शव वाहन नहीं आया तो हारकर परिजन निजी एंबुलेंस से शव को घर ले जाने पर मजबूर हुए।
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बघौली थाना क्षेत्र के कोट निवासी करीम (50) वर्तमान में शहर के धन्नूपुरवा मोहल्ले में रहते थे। उनके दामाद वसीम ने बताया कि वह क्षय रोग से पीड़ित थे और कई महिनों से उनका इलाज चल रहा था। सोमवार को अचानक उनकी तबीयत अधिक खराब हो गई तो वह लोग उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इमरजेंसी में डाॅक्टर तृप्ति ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इमरजेंसी में मौजूदा स्टाफ ने शव वाहन के चालक का नंबर देकर कॉल करने के लिए कहा। वसीम ने बताया कि उन्होंने चालक को फोन किया तो उसने 10 से 15 मिनट में आने बी बात कही, लेकिन वह नहीं आया। करीब 40 मिनट में उन्होंने चालक को सात बार फोन लगाया लेकिन हर बार वह बहाने बनाकर टालता रहा। हारकर उन्होंने मेडिकल कॉलेज परिसर के बाहर से निजी एंबुलेंस किराए पर लिया। इसके बाद ही शव को ले जा सके। करीम के परिवार में दो पुत्र चार पुत्रियां हैं।

पहले भी लापरवाही कर चुका है चालक
मेडिकल कॉलेज के शव वाहन चालक की मनमानी का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी वह कई बार शव को ले जाने में आनाकानी कर चुका है। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण चालक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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शव वाहन चालक पहले भी शव ले जाने में लापरवाही बरतने के मामले सामने आए हैं। सोमवार की घटना को बेहद गंभीरता से लिया गया है। चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्राचार्य को पत्र लिख दिया गया है। -डॉ. चंद्र कुमार, सीएमएस

फोटो- 43- शव को लेकर जाती निजी एंबुलेंस। संवाद

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