तीखे चल रहे मौसम के तेवरों से ठंड कम होने का नाम
नहीं ले रही है। आलम यह है कि रविवार को सूरज न निकलने से दिन के समय में
पारे में गिरावट आने के साथ भीषण ठंड का अहसास हुआ, वहीं शाम और रात के समय
में पारे में और गिरावट आने के चलते लोग सर्दी से व्याकुल हो हो रहे। आज
तापमान का अधिकतम स्तर 10.0 एवं न्यूनतम 4.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
गांवों
से लेकर शहरी क्षेत्रों में भी सभी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव न जलने से
लोगों को ठंड से मुकाबला करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा हैं। हर
तरफ बस सर्दी ही सर्दी की चर्चाओं के साथ लोग सर्दी भरे इस मौसम में अब
सूर्य भगवान से राहत देने की आस लगा रहे हैं। मौसम के तेवर अभी काफी कड़क
बने हुए हैं, जिससे आगामी दिनों में सर्दी और भी बढ़ सकती हैं।
तापमान के
स्तर में गिरावट का सिलसिला जारी रहने से सर्दी के तेवर जानलेवा साबित होने
लगे हैं। ठंड का प्रकोप इतना बढ़ गया कि अब इंसान ही नहीं, बल्कि पशु
पक्षी भी अकुलाने लगे हैं। मौसम के तेवरों को देखकर अनुमान लगाया जा रहा कि
तापमान के स्तर में और भी गिरावट आ सकती, क्योंकि पिछले दिनों से मौसम बिगड़ रहा है।
इससे पूरे जिले में तापमान का औसत न्यूनतम स्तर 4
डिग्री सेल्सियस तक आ गया और लोग भीषण ठंड का अहसास कर रहे हैं। ठंड के असर
का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता कि लोग गर्म कपड़ों के साथ आग का
सहारा लेने के बाद भी कांप जाते हैं।
सबसे ज्यादा खराब हालत गरीब तबके के
लोगों एवं दिहाड़ी मजदूरों की है, जिन्हें गर्म कपड़ों के अलावा ठंड के
कारण काम नहीं मिल पा रहा हैं। हालांकि, डीएम और सामाजिक
कार्यकर्ताओं के प्रयासों से जिले में तमाम गरीबों तक कंबल आदि पहुंचे हैं,
जिससे लोगों को काफी सहारा मिला, पर अभी भी बड़ी तादाद में गरीबों एवं
जरूरतमंदों तक कंबलों आदि की मदद नहीं पहुंच पाई है।
ठंड के कारण अभी भी
तमाम लोगों को बिना गर्म कपड़ों के आग के सहारे रातें गुजारनी पड़ रही हैं। ठंड
से लोगाें के घरों में अलाव से लेकर ब्लोवर आदि चलाकर लोग ठंड से बचने का
प्रयास कर रहे हैं। उधर, लगातार बढ़ती जा रही ठंड में लोग अब सूर्य देवता
से उम्मीद भरी निगाहें लगाए हुए हैं।
लोगों का कहना हैं कि बादलों को चीर
कर बाहर आकर सूर्य देवता ही मुसीबत से राहत दिला सकते हैं। ठंड से सामान्य
जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। हाल यह हैं कि लोगों की सुबह जो 5
से 6 बजे हुआ करती थी वो सुबह अब 8 और 9 बजे के बाद हो रही।
इतना ही नहीं
गिर रहे तापमान एवं कोहरे से अब सुबह और दोपहर तथा शाम एवं रात के समय में
कोई फर्क नहीं हो पा रहा। ठंड की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा
सकता हैं कि घर हो या दफ्तर लोगों को कहीं चैन नहीं मिल पा रहा है।