फोटो 16: अनुनय झा। स्रोत : आर्काइव
- मतदाता पर्ची और मतदाता सूची पर दर्ज होगा एसवीएन
- विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची की भांति पंचायत के मतदाताओं के नहीं बने हैं पहचान पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। पंचायत मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में संशोधन से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टलते नजर आ रहे हैं। वहीं इस बार होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव में एक-एक वोट की मारामारी को देखते हुए फर्जीवाड़ा पर विराम लगाने की रणनीति बनाई गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्येक मतदाता के लिए स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) दिए जाने का निर्णय लिया है। संशोधित पुनरीक्षण कार्यक्रम में मतदाता क्रमांकन के साथ ही एसवीएन आवंटन के लिए भी समयसीमा तय की है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का क्षेत्र छोटा और प्रत्याशियों में प्रतिद्वंदिता अधिक होती है, ऐसे में एक-एक वोट की खातिर मारामारी रहती है। कारण है कि हार-जीत का अंतर भी कम वोट से ही रहता है। ऐसे में कई बार प्रत्याशी फर्जी वोटिंग करा लेते रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसे संज्ञान लिया है। मतदान के समय फर्जीवाड़ा रोकने के लिए आयोग ने प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदाताओं को एसवीएन दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कराई है। विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं की भांति पंचायत मतदाताओं के पहचान पत्र (वोटर आईडी) नहीं बने हैं। एसवीएन के माध्यम से मतदान प्रक्रिया पारदर्शिता, विश्वसनीयता बढ़ेगी और फर्जी मतदान व गड़बड़ी पर रोक लगेगी।
बताया गया कि जिले के प्रत्येक मतदाता की विशिष्ट पहचान सुनिश्चित की जाएगी। आयोग की तरफ से दिए गए पुनरीक्षण के संशोधित कार्यक्रम में मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 22 अप्रैल से बढ़ाकर 10 जून अप्रैल कर दी गई है। इसी अवधि में 22 मई से नौ जून तक मतदाताओं के क्रमांकन के साथ ही उन्हें एसवीएन का आवंटन किया जाएगा।
वर्जन
मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रिया आयोग के निर्देशानुसार पूरी कराई जा रहीं हैं। काम में तेजी के लिए सार्वजनिक अवकाश और रविवार के दिन भी संबंधित कार्यालय खुले रखे जा रहें हैं। बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर विवरण का सत्यापन कर रहे हैं, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम सूची से छूट न जाए। 1,293 ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची में शामिल होने वाले सभी मतदाताओं को एसवीएन का भी तय अवधि में आवंटन कराया जाएगा।-अनुनय झा, जिला निर्वाचन अधिकारी