हरदोई। शहर कोतवाली क्षेत्र के टिलिया इस्लामनगर में बुधवार आधीरात के बाद अवैध संबंधों के शक में पति ने पत्नी की गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या की जानकारी देने खुद ही अपने भाई और बहनोई के पास गया। घटना की जानकारी पर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन इस बीच वह खुद कोतवाली पहुंच गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। मृतका की बहन की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया।
मूलरूप से वैटगंज निवासी परवेज कार चालक है। पिछले लगभग एक साल से वह पत्नी नगमा (30) के साथ टिलिया इस्लामनगर में किराये के मकान में रह रहा था। पुलिस का दावा है कि बुधवार आधीरात के बाद लगभग तीन बजे घर में सो रही नगमा का गला परवेज ने चाकू से रेत दिया। इस कारण सिर और धड़ अलग हो गए। इसके बाद वह अपने पैतृक मकान गया। वहां अपने भाई और बहनोई को पत्नी की हत्या करने की सूचना दी।
इस सबके बीच सुबह लगभग पौने पांच बजे यूपी 112 पर मृतका की बहन सकीना ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पता चलते ही एएसपी पूर्वी सुबोध गौतम, सीओ सिटी अजीत चौहान, शहर कोतवाल संजय त्यागी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। साथ ही फॉरेंसिक टीम ने भी नमूने जुटाए। पति की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें निकल रही थीं लेकिन इस बीच परवेज खुद ही कोतवाली पहुंच गया। यहां पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
अपर पुलिस अधीक्षक का दावा है कि पूछताछ के दौरान परवेज ने बताया कि नगमा किसी व्यक्ति से लगातार फोन पर बात करती थी। अवैध संबंध होने के शक में उसने पत्नी की हत्या कर दी। सीओ सिटी अजीत चौहान ने बताया कि मृतका की बहन देहात कोतवाली क्षेत्र के पिहानी चुंगी निवासी सकीना की शिकायत पर हत्या का मामला परवेज के खिलाफ दर्ज किया गया है।
रात में शहर घुमाया, रसगुल्ले खिलाए फिर मौत के घाट उतारा
नगमा और परवेज का निकाह 12 साल पहले हुआ था। दोनों के कोई बच्चे नहीं हैं। नगमा का मायका भी वैटगंज में ही है। पुलिस महकमे से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पूछताछ के दौरान परवेज ने पुलिस को बताया कि मंगलवार रात वह नगमा को शहर घुमाने ले गया था। टिक्की और बताशे खिलाने के बाद उसे रसगुल्ले भी खिलाए थे। तब तक नगमा को यह एहसास भी नहीं था कि जिस पति के साथ वह घूम रही है वही उसकी हत्या कर देगा। घूमकर आने के बाद दोनों सो गए थे। हालांकि परवेज ने यह भी कहा कि नगमा ने पहले उस पर हमला किया था और बाद में उसने हत्या कर दी। परवेज का यह बयान पुलिस के गले नहीं उतर रहा है क्योंकि हाथापाई या विवाद के कोई निशान या संकेत न तो मौके से मिले और न ही परवेज के हावभाव से।
हत्या करने के बाद नहाया... पुलिस से बोला कोई अफसोस नहीं
पूछताछ के दौरान परवेज ने पुलिस को बताया कि हत्या करने का समय उसने नहीं देखा लेकिन दो से तीन बजे के बीच घटना की। बताया कि नगमा की हत्या करने के बाद घर में ही नहाया था। मौके से भाग जाने को लेकर उसमे असमंजस था इसलिए वह घटना के बारे में बताने अपने पैतृक घर गया था। वहां से परिजन ने उसे समझाया कि भागने से कोई फायदा नहीं। घटना को लेकर उसने पुलिस से कहा कि नगमा की हरकतों से पक गया था। हत्या कर देने का कोई अफसोस न होने की बात भी उसने कही।
50 हजार रुपये को लेकर गहराया था शक
परवेज ने वैटगंज स्थित पैतृक मकान बेच दिया था। इसमें उसके हिस्से के 50 हजार रुपये आए थे। यह रुपये उसने नगमा को दिए थे। विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि परवेज को शक था कि नगमा की नजदीकियां मुन्नेमियां चौराहा निवासी एक युवक से हैं। नगमा को जो 50 हजार रुपये परवेज ने दिए थे वह रुपये भी कथित तौर पर मुन्नेमियां चौराहा निवासी युवक को दे दिए जाने की बात परवेज के दिमाग में थी।