हरदोई। सावन का पावन महीना शुरू होते ही शहर के बाजारों में हरियाली की छटा बिखर गई है। मंदिरों में शिवभक्तों की भीड़ के साथ शृंगार की दुकानों पर भी महिलाओं की चहल-पहल देखने को मिल रही है। हरी चूड़ियां, बिंदी, कंगन और अन्य सौंदर्य प्रसाधनों की खरीदारी में तेजी आई है। बाजारों में हर तरफ हरे रंग की चूड़ियों की खनक और सावन की रौनक नजर आने लगी है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में हरी चूड़ियां धारण करना सौभाग्य, समृद्धि और भगवान शिव व माता पार्वती के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि विवाहित ही नहीं, अविवाहित युवतियां भी उत्साहपूर्वक सावन में हरी चूड़ियों की खरीदारी करती हैं। महिलाओं और युवतियों में हरे कड़े और जरकन वाली चूड़ियों की डिमांड अधिक है। ऐसे में व्यापारियों ने भी महिलाओं की डिमांड के अनुसार चूड़ियां और कड़े मंगवाए हैं।
चूड़ी विक्रेता इमरान हुसैन ने बताया कि सावन में हरी चूड़ियों की बिक्री अधिक होती है। एक दर्जन चूड़ियां 130 से 200 रुपये तक में बिकती हैं। हरे कड़े भी 100 रुपये के चार बिक रहे हैं। जरकन वाले कड़े अधिक पसंद किए जा रहे हैं। इसके अलावा बच्चों के लिए भी चूड़ियों की बिक्री हो रही है। बच्चों में घुंघरू वाली चूड़ी की मांग सबसे अधिक है। युवतियां फैशन के लिए हरी चूड़ियों के साथ सफेद रंग के कड़ों का इस्तेमाल अधिक कर रही हैं।
सफेद रंग के कड़े भी किए जा रहे पसंद
सावन के लिए कई तरह की आकर्षक डिजाइन की चूड़ियां मंगवाई गई हैं। जैली चूड़ी और कांच के कड़े अधिक मांगे जा रहे हैं। रेड रोज चूड़ी भी युवतियां मांग रही हैं। हरे रंग की चूड़ियों के साथ सफेद रंग के कड़े अधिक पसंद किए जा रहे हैं। -मोहम्मद शमीम
इस बार हरे रंग के साथ गोल्डन वर्क वाली चूड़ियां और मैचिंग कंगन महिलाओं की पहली पसंद बने हुए हैं। महिलाएं पारंपरिक कांच की चूड़ियों के साथ नए डिजाइन भी पसंद कर रही हैं। सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ रहती है। -आसिफ
पहले से बढ़ गए कड़े व चूड़ी के दाम
कड़े और चूड़ियों के दाम में पहले से इजाफा हो गया है। परिवहन भाड़े में वृद्धि होने की वजह से फिरोजाबाद से आने वाली चूड़ियों की लागत अब बढ़ गई है। फैंसी चूड़ियों पर 40 से 50 रुपये बढ़ गए हैं जबकि कड़ों पर 10 से 20 रुपये की वृद्धि हो गई है। चूंकि टूट-फूट भी अधिक हो जाती है। ऐसे में नुकसान अधिक हो जाता है।
फोटो-10- शमीम। संवाद
फोटो-10- शमीम। संवाद