जिले में गन्ना किसानों का अभी तक भुगतान नहीं हो
पाया है। किसानों का करोड़ों रुपया मिल पर बकाया चल रहा है। इससे किसान
परेशान है। वे अफसरों का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन प्रशासन और मिल प्रबंधन
में गठजोड़ होने की वजह से किसानों की पीड़ा को अनसूनी कर दी जा रही है।
सूत्रों
की मानें तो किसानों के गन्ने का 40 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से
गन्ने का भुगतान रोक लिया गया है। इसके भुगतान के लिए आज कल की रट लगाई जा
रही है।
जिले में चार गन्ना मिलें हैं। पहले तो गन्ना बिक्री के
लिए किसानों को खासी मशक्कत करनी पड़ी, अब समय से भुगतान नहीं हो पा रहा
है। यह स्थिति तब है जबकि एक चीनी मिल में पेराई सत्र समाप्त हो चुका है।
अन्य तीन मिलों में दो तीन दिन के अंदर पेराई सत्र खत्म हो जाएगा।
सूत्रों
की मानें तो डीएससीएल की रूपापुर चीनी मिल पर करीब सात करोड़ से अधिक,
लोनी चीनी मिल पर 8 करोड़ से अधिक और हरियावां चीनी मिल पर लगभग इतना ही
बकाया चल रहा है। बघौली स्थित चीनी मिल पर किसानों का करीब 26 करोड़ बकाया
है।
डीएससीएल ग्रुप की तीनों चीनी मिलोें के प्रबंधन का कहना है कि
उन्होंने 27 फरवरी तक का गन्ना बकाया भुगतान किसानों को कर दिया है, शेष
भुगतान सप्ताह भर में करने की कोशिश की जा रही।
सूत्रों की मानें
तो तीनों चीन मिल प्रबंधन ने किसानों के गन्ने का 40 रुपये प्रति क्विंटल
के हिसाब से गन्ने का भुगतान रोक लिया है, इसके चलते अभी भी इन मिलों पर
किसानों का लंबा भुगतान पड़ा है।
जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने
कहा कि चीनी मिलों के अधिकारियों से बात कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बकाया भुगतान जल्द कराने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए
जाएंगे।