हरदोई। गर्मियों के मौसम में बिजली की भारी खपत के बीच बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को एक और बड़ा झटका दे दिया है। विभाग की ओर से बिना किसी पूर्व सूचना के हजारों उपभोक्ताओं का स्वीकृत लोड उनकी वास्तविक डिमांड के अनुसार स्वतः बढ़ा दिया गया है। विभाग के इस कदम से उपभोक्ताओं की जेब पर भारी बोझ पड़ना तय है। अब उपभोक्ताओं को न सिर्फ हर महीने ज्यादा फिक्स चार्ज देना होगा, बल्कि बढ़ी हुई जमानत राशि का भुगतान भी इसी महीने के बिल के साथ करना होगा।
जिले में 6 लाख 14 हजार,848 बिजली उपभोक्ता है। इनमें से 5,44,971 एक किलोवाट, 31,573 दो किलोवाट और शेष इससे ऊपर के उपभोक्ता है। भीषण गर्मी के कारण जिले में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। इससे उपभोक्ताओं की खपत भी बढ़ी है। विभाग की ओर से उपभोक्ताओं की खपत के आधार पर तीन माह में सबसे अधिक मांग के अनुसार विद्युत लोड बढ़ा दिया गया है। इससे जिले के एक लाख सात हजार उपभोक्ता प्रभावित हो रहे है। अचानक बढ़े लोड के कारण उपभोक्ताओं के ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा।
बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में कई उपभोक्ताओं के परिसरों में स्वीकृत लोड से कहीं अधिक बिजली का इस्तेमाल दर्ज किया गया है। स्मार्ट मीटर और डिजिटल फीडिंग के जरिए विभाग ने ऐसे उपभोक्ताओं को चिह्नित किया, जिनकी मांग स्वीकृत लोड को पार कर गई है। लोड अधिक होने से ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोडिंग बढ़ती है और ट्रिपिंग की समस्या होती है। इसी को दुरुस्त करने के लिए सिस्टम ने लोड को ऑटो-अपग्रेड कर दिया है।
यह होगा परिवर्तन
- लोड बढ़ते ही हर महीने बिल में जुड़कर आने वाला फिक्स चार्ज स्थाई रूप से बढ़ जाएगा
-जमानत राशि प्रति किलोवाट के हिसाब से बढ़ जाएगी, जिसको वर्तमान बिल में जोड़कर भेजा जाएगा
-शहरी घरेलू उपभोक्ता के प्रति किलोवाट 110 रुपये फिक्स चार्ज बढ़ेगा
- पावर कारपोरेशन की ओर से यूनिट के अनुसार स्लैब तय है, लोड बढ़ने से उसमें भी अंतर आएगा
पावर कॉरपारेशन की ओर से तीन माह में अधिकतम मांग के अनुसार लोड बढ़ाए गए है। जिले में भी उपभोक्ताओं के लोड बढ़े हैं। अगर किसी उपभोक्ताओं को लगता है कि गलत आकलन हुआ है, तो उसकी जांच कराई जाएगी। -राजीव भट्ट, अधीक्षण अभियंता