हरदोई। खुद को सूबे के एक डिप्टी सीएम का करीबी बताकर रौब झाड़ने वाला ठेकेदार अभियंताओं का उत्पीड़न भी करता रहा।
वर्ष 2018 में हरदोई-सांडी मार्ग के निर्माण के दौरान तो डिप्टी सीएम के कथित करीबी ने एक अवर अभियंता को साइट पर ही न सिर्फ बेइज्जत किया, बल्कि जमकर अभद्रता भी की थी। उसके रसूख का आलम यह था कि अवर अभियंता पुलिस तक कार्रवाई के लिए नहीं पहुंच पाया था। साथ ही भुगतान न होने की जानकारी पर ठेकेदार ने तत्कालीन लखनऊ जोन के मुख्य अभियंता का तबादला भी करा दिया था।
बीते बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी पर बड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई की जद में 16 अभियंता और चार फर्में भी हैं। इन्हीं में से एक बड़ी फर्म से जुड़ा ठेकेदार वर्ष 2018 में जिले में पहली बार काम करने आया था। ठेकेदार खुद को डिप्टी सीएम का करीबी बताकर रसूख दिखाता था।
हरदोई सांडी मार्ग के निर्माण के दौरान वर्ष 2018 में खराब निर्माण पर आपत्ति जताने वाले अवर अभियंता काे ठेकेदार ने खरी खोटी सुना दी थी। सार्वजनिक रूप से उसके साथ अभद्रता की थी। पहले तो अवर अभियंताओं की एसोसिएशन ने मामले पर सख्त रुख दिखाया, लेकिन फिर ठेकेदार के रसूख के आगे हर कोई शांत पड़ गया। इस मामले में तत्कालीनन मुख्य अभियंता ने अवर अभियंता की बात को मजबूती से रखा तो उनका भी तबादला कर दिया गया था।
एक नजीर यह भी... ग्राम पंचायत का नाला तोड़ा और बनाया भी नहीं
रद्धेपुरवा सकतपुर मार्ग के निर्माण के दौरान ठेकेदार के कर्मचारियों ने बबनापुर ग्राम पंचायत में निधि से बने नाले को तोड़ दिया था। इस नाले से ही पूरे गांव का पानी निकलकर एक छोहे में जाता था। ठेकेदार ने न तो दूसरी नाली और पुलिया बनाई और न ही जल निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था कराई। ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि अनीस पांडेय ने इस मामले पर अधिशासी अभियंता से शिकायत दर्ज कराई तो ठेकेदार को जल निकासी की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। इसके बाद भी ठेकेदार ने नहीं सुनी। मामला डीएम एमपी सिंह के पास पहुंचा तो उन्होंने खंड विकास अधिकारी को भेजकर जल निकासी की व्यवस्था कराई।