हरदोई। जिले में तैनात 16 अभियंताओं और निर्माण कार्य में लगी चार फर्माें पर हुई कार्रवाई का असर अब विकास कार्याें पर भी दिखेगा। दरअसल, कुल चार फर्म काली सूची में डाले जाने के आदेश हुए हैं। इनमें से दो फर्में एक-एक बड़े निर्माण कार्य में लगी थीं। दूसरी ओर बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई से विभाग में अब भी खलबली मची हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तत्कालीन अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र को निलंबित किया गया है। इसके अलावा दो अधिशासी अभियंता सुमंत कुमार और एसके मिश्रा को भी निलंबित किया गया है। आठ अवर अभियंता भी निलंबित हुए हैं। पांच सहायक अभियंता भी कार्रवाई की जद में आए हैं। लोक निर्माण विभाग के खंड-एक के अधीन लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग से सांडी-शाहाबाद मार्ग को जोड़ने वाले रद्धेपुरवा सकतपुर मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य होना था। लगभग 59 करोड़ रुपये से इस मार्ग का निर्माण हो रहा था।
इसी मार्ग पर छह जगहों पर सड़क के नमूने लिए गए थे और इसके जिम्मेदार अवर अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया। निर्माण कार्य कर रही मेसर्स प्रोग्रेसिव कंस्ट्रक्शन कंपनी को काली सूची में डालने के आदेश भी हुए हैं। इस मार्ग का निर्माण अब फिलहाल ठप हो गया है। यह कार्य जून 2025 तक पूरा होना था, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। इस सड़क का निर्माण पूरा होने में अब काफी ज्यादा समय लगेगा। इसी तरह बेहटा गोकुल मंसूरनगर मार्ग का निर्माण भी जनवरी 2025 तक पूरा होना था। इसका निर्माण करा रही मेसर्स ओम प्रकाश चौबे को भी काली सूची में डालने का आदेश हुआ है। ऐसे में यह कार्य भी ठप हो गया है। इसे भी पूरा होने में समय लगेगा।
दोबारा होगी टेंडर प्रक्रिया
विभाग से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि उक्त दोनों कार्याें के लिए निविदा प्रक्रिया फिर से पूरी कराई जाएगी। दोनोें ही मार्गाें का निर्माण काफी बड़े बजट से कराया जा रहा है। ऐसे में निविदा की प्रक्रिया भी शासन स्तर से ही पूरी कराई जाएगी। हालांकि, कहीं न कहीं निर्माण कार्याें में लगी फर्माें के प्रोपराइटर घबराए हुए हैं। संभव है कि निविदा प्रकिया में भी काफी समय लग जाए। ज्यादातर फर्माें के प्रोपराइटर उक्त दोनों मार्गाें के निर्माण का टेंडर डालने में भी हिचकेंगे।