हरदोई। अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम के तहत चयनित 221 विद्यार्थियों को शिक्षा सत्र के छह माह गुजर जाने के बावजूद अभी तक प्रवेश नहीं मिल सका है। वह विद्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। डीएम ने विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने की चेतावनी दी है।
आरटीई के तहत जिले में तीन चरणों में 890 गरीब परिवारों के बच्चों का चयन किया गया है। जिनका निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाना है। इन बच्चों के स्कूल ड्रेस, किताबों और शुल्क की धनराशि विभाग की ओर से संबंधित विद्यालयों को उपलब्ध कराई जाती है। विभाग की ओर से चयनित विद्यार्थियों की सूची संबंधित विद्यालयों को भेजी गई थी और विद्यालयों में प्रवेश कराने के बीएसए की ओर से निर्देश जारी किए गए थे। मगर अभी तक 11 विद्यालयों ने 221 बच्चों को प्रवेश नहीं लिया है।
इस संबंध में बीएसए की ओर से कई नोटिस जारी की जा चुकी हैं, मगर निजी विद्यालय संचालक उस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे 221 विद्यार्थी शिक्षा से वंचित है। बीएसए की ओर से निजी विद्यालयों के प्रवेश न लेने के संबंध में जिलाधिकारी को अवगत कराया गया था। जिस पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सभी विद्यालयों को नोटिस जारी किया है और चयनित बच्चों के प्रवेश लेने के निर्देश दिए हैं। प्रवेश न लेने पर विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने की चेतावनी दी गई है।