शिक्षा के अधिकार कानून को सक्रियता से पालन कराने की
मांग को लेकर सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सोमवार
को एक ज्ञापन सांसद अंजू बाला व डीएम रमेश मिश्र को सौंप कार्रवाई कराए
जाने की मांग की। पदाधिकारियों ने बाल अधिकारों की रक्षा को लेकर टोल फ्री
हेल्प लाइन नंबर भी स्थापित कराने की मांग की।
सामाजिक संगठन सकारात्मक
सुधार संस्थान, डा. अंबेडकर जन कल्याण सेवा समिति, आसरा सेवा संस्था के
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सांसद अंजू बाला और जिलाधिकारी रमेश मिश्र
को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें शिक्षा के अधिकार अधिनियम को कड़ाई से लागू कर
उसको बेहतर बनाने के लिए कुछ सुझाव दिए।
पूजा और आफरीन खान आदि ने कहा कि
शिक्षा राष्ट्रीय विकास की कुंजी है। शिक्षा के क्षेत्र में निवेश और
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना न केवल लाखों
बच्चों के जीवन को सुरक्षित करना है, बल्कि यह देश के बेहतर भविष्य के लिए
एक निवेश है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक बच्चे को आठ
वर्षीय अनिवार्य एवं निशुल्क प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया
गया है। पर, अनियमितताएं होने के कारण बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पा
रहा है।
उन्होंने कहा कि सतत एवं समग्र मूल्यांकन को पूरे प्रदेश में लागू
किया जाए एवं टीचरों को सतत आकलन प्रक्रिया के लिए सक्षम किया जाए, जिससे
कि बच्चों के सीख का निरंतर आकलन किया जाए।
उन्होंने आयु संगत कक्षा में
नामांकन लेने वाले छात्रों के विशेष प्रशिक्षण के लिए माड्यूल का निर्माण व
उनके विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था कराने की भी मांग की गई। इस दौरान
संस्था पदाधिकारियों द्वारा एक ज्ञापन सौंप उक्त सुझावों पर अमल कराने की
मांग की गई।
इस मौके पर राधेश्याम कपूर, अशोक भारती, अनिल कुमार, शेर सिंह
कुमार, अंकुश कुमार, हीरालाल, पुतान सिंह, अशोक कुमार, रमेश कुमार,
श्रीराम, बृजलाल आदि मौजूद थे।