नई बस्ती में साहित्यिक, सामाजिक, सांस्कृतिक व
आध्यात्मिक संस्था अनुभूति द्वारा एक मनोवैज्ञानिक विचार गोष्ठी का आयोजन
किया गया। इस मौके पर संस्था अध्यक्ष डा. ईश्वर चंद्र वर्मा ने कहा कि तनाव
आधुनिकता की देन है और तनाव का आधारभूत कारण मन है।
प्रोफेसर अखिलेश
बाजपेयी ने कहा कि रोग और शोक का मूल कारण व्यक्ति का विकृत चिंतन ही है।
विशिष्ट अतिथि डा. शिवशरण सिंह चौहान ने कहा कि मन निग्रह की शर्तें हैं,
जैसे संतोष का वरण, अहंकार से निवृत्ति, जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण,
सकारात्मक सोच, योग तथा सर्वोपरि आध्यात्मिकता है।
इस मौके पर डा. ब्रह्म
स्वरूप पांडेय, भजनलाल गुप्त, वेदवृत मिश्र, चंद्रशेखर प्रसाद मिश्र,
राजेंद्र सिंह, डा. बीडी शुक्ल ने भी संबोधित किया। संचालन महामंत्री सुशील
वर्मा ने किया। इस मौके पर सुमत प्रसाद जैन, डा. सुरेश अग्निहोत्री, राजीव
मोहन अवस्थी, रामरूप त्रिवेदी, सतीश चंद्र शुक्ल, गिरीश चंद्र श्रीवास्तव,
हरीश्याम शर्मा आदि मौजूद थे।