फोटो 20: बिलग्राम में बारिश के बाद खेतों में भरे पानी में डूबी तरबूज की फसल। संवाद
फोटो 21: बेहंदर के मौलवीखेड़ा आंधी में गिरे आम को इकट्ठा करता किसान वीरेश। संवाद
खेतों में जलभराव में डूब गईं ककड़ी, खीरा और तरबूज-खरबूजा और उर्द की फसलें
मकानों पर लगी सीमेंट और टिन की चादरें तक उड़ गईं
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। अप्रैल के बाद मई में भी बेमौसम बरसात जारी है। सोमवार सुबह करीब छह बजे से आंधी के साथ हुई मूसलाधार बारिश से खेतों में जलभराव हो गया। जलभराव से पलेज के साथ ही उर्द की फसलें पानी में डूब गईं, इससे इन फसलों को नुकसान की पूरी तरह से आशंका है। वहीं आंधी में आम की पैदावार प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
मौसम की अनिश्चितता से किसान और बागवान चिंतित हैं। पलक झपकते ही मौसम में होने वाले बदलाव और आंधी-पानी से जायद के साथ ही पलेज और आम फसल को नुकसान पहुंच रहा है। आंधी से आम की फसल का उत्पादन प्रभावित होगा। वहीं खेतों में होने वाले जलभराव से खरबूजा, तरबूज, खीरा-ककड़ी और उर्द की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है।
बिलग्राम क्षेत्र में बेमौसम बरसात से ककड़ी, खीरा, खरबूजा और तरबूज की फसलों काफी नुकसान हुआ है। किसानों के मुताबिक बरसात से इन फलों का स्वाद भी फीका पड़ जाता है। गंगा कटरी क्षेत्र में बड़े क्षेत्रफल पर पलेज की जाती है। गंगा नदी के आसपास गांवों और मजरों में रविवार और सोमवार को बारिश हुई। जरैला, पुन्नापुरवा, कटरी, जरसेनामऊ, जफरपुर व अन्य समीपवर्ती गांवों में खरबूजा, ककड़ी, तरबूज आदि की खेती करने वाले किसान पृथ्वीराज, सुखदेव, निर्मल आदि ने बताया कि दो दिनों से पानी बरसने से फसलों को नुकसान हुआ है।
बेहंदर क्षेत्र के असही आजमपुर, रसूलपुर आंट, बहलोलपुर, मौलवीखेड़ा आदि गांवों में आंधी के कारण किसानों की आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। लोगों के मकानों पर लगी सीमेंट और टिन की चादर तक उड़ गईं। किसान मायूस हैं और फसलों की बर्बादी को देखने को मजबूर हैं। आम की फसल क्षेत्र में अच्छी थी इससे पैदावार भी अच्छी होने की संभावना थी लेकिन सोमवार सुबह आंधी व बारिश से आम की फसल को काफी नुकसान हुआ है।
वर्जन
खेतों में पानी भरने और फसलों के पानी में डूबने से सड़ने की आशंका रहती है। जलभराव से फसलों के सड़ने के साथ ही फूल और फल भी खराब होने लगते हैं। किसानों को चाहिए कि वह बरसात बंद होते ही इन फसलों वाले खेतों से पानी निकास का प्रबंध करें, इससे फसलों को काफी हद तक बचाया जा सकता है।-डॉ. एके तिवारी, अध्यक्ष कृषि विज्ञान केंद्र हरदोई
फोटो-05- बारिश में छाता लेकर स्कूल जाते छात्र। संवाद
फोटो-06- धर्मशाला सड़क पर भरा बारिश का पानी। संवाद
फोटो-07- महाराज सिंह पार्क के पास सड़क पर भरा बारिश का पानी। संवाद
फोटो-08- बहरा सौदागर पूर्वी मोहल्ले की गली में भरा बारिश का पानी। संवाद
फोटो-09- नघेटा सड़क पर भरा बारिश का पानी। संवाद
शहर लबालब, जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल
सुबह छह बजे से आंधी के साथ हुई मूसलाधार बारिश से मार्ग और गलियों में जलभराव
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बेमौसम मई माह में सोमवार का हुई बरसात से शहर लबालब हो गया। इससे जलनिकासी व्यवस्था सवालिया निशान लगे हैं। मूसलाधार बारिश से शहर के मार्ग और गलियों में जलभराव हो गया। सुबह-सुबह हुई बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ, खासकर बच्चों और विद्यार्थियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बेमौसम मूसलाधार बरसात से मुख्य मार्गों और मोहल्लों में गलियों में जलभराव हो गया। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों के साथ ही लोगों के घरों में भी पानी भरा रहा। मार्गों और गलियों में जलभराव के कारण नालियों की गंदगी और कूड़ा-करकट मार्गों पर फैल गया।
मुख्य मार्गों पर जलभराव के कारण विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेजों तक जाने और आने में पानी से होकर गुजरना पड़ा। शहर में नघेटा सड़क पर जलभराव से बच्चों से लेकर डीएलएड प्रशिक्षुओं तक पानी से होकर जाना पड़ा। ऐसे ही अन्य मोहल्लों में जलभराव के कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा।