- वंदे भारत समेत कई ट्रेनों के ठहराव की मांग अभी भी लंबित
- यात्रियों की संख्या और राजस्व कम होने का तर्क दे रहा रेलवे
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। जिले से प्रतिदिन हजारों लोग लखनऊ, दिल्ली, बरेली और अन्य शहरों की यात्रा करते हैं। इसके बावजूद वंदे भारत समेत अन्य प्रीमियम ट्रेनों का ठहराव अब तक नहीं मिला है। रेलवे अधिकारियों का दावा है कि प्रीमियम ट्रेन का ठहराव तय करने के लिए स्टेशन पर यात्रियों की संख्या, टिकटों से होने वाला राजस्व और परिचालन संबंधी मानकों का पूरा होना जरूरी है। हरदोई स्टेशन फिलहाल इन मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है।
स्थानीय रेलवे स्टेशन से वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस और डबल डेकर समेत कई प्रीमियम ट्रेनें गुजरती हैं। जनपद के हजारों यात्री हैं जिनको इन ट्रेनों से सफर करने की आवश्यकता भी महसूस होती है। इसके बाद भी रेलवे जिले में किसी भी प्रीमियम ट्रेन का ठहराव नहीं कर रहा है।
बता दें, कि जिले की बड़ी आबादी को तेज और आधुनिक रेल सेवाओं का लाभ लेने के लिए दूसरे जनपदों जाना पड़ता है। इनमें व्यवसायी, छात्र, नौकरीपेशा और मरीजों को समय बचाने के लिए लखनऊ या शाहजहांपुर जाकर प्रीमियम ट्रेनों पकड़नी पड़ती है, इसमें अतिरिक्त समय और धन भी खर्च होता है।
उधर, रेल अधिकारियों का दावा है कि प्रीमियम ट्रेनों के ठहराव का प्रस्ताव कई बार भेजा गया, लेकिन पर्याप्त यात्री भार और राजस्व के अभाव में स्वीकृति नहीं मिल सकी। वहीं, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हरदोई स्टेशन का आधुनिकीकरण तो जरूर किया जा रहा है, लेकिन यात्री सुविधाओं के साथ प्रीमियम ट्रेनों का ठहराव भी लोगों की प्रमुख मांग बना हुआ है।
यात्रियों की राय
- वंदे भारत का ठहराव होने से प्रतियोगी परीक्षाओं और नौकरी के लिए आने-जाने में काफी सुविधा होगी।-राहुल मिश्रा, छात्र
- हरदोई बड़ा जिला है, फिर भी प्रीमियम ट्रेनों का लाभ नहीं मिलना निराशाजनक है।-संजय गुप्ता, व्यापारी
- इलाज के लिए बड़े शहर जाना पड़ता है, तेज ट्रेनें रुकेंगी तो मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।-शबाना परवीन, यात्री
वर्जन
प्रीमियम ट्रेनों का ठहराव पूरी तरह रेलवे बोर्ड के निर्धारित मानकों पर निर्भर करता है। भविष्य में यात्री संख्या और राजस्व में अपेक्षित वृद्धि होती है और बोर्ड से स्वीकृति मिलती है, तो ठहराव के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है।-नरसीलाल मीणा, स्टेशन अधीक्षक