प्रदेश व केंद्र सरकार युवाओं के हर हाथ को काम देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में खादी ग्रामोद्योग की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। योजना का लाभ पात्रों को दिया जाए और गांव में ही बेरोजगारों को स्वरोजगार स्थापित कराने के लिए ंप्रेरित किया जाए।
जिले के बढ़ैयनपुरवा स्थित कृषि यंत्र बनाने वाली इकाई का निरीक्षण करते हुए खादी बोर्ड उपाध्यक्ष गोपाल अनजान ने जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी से उक्त बात कही। उन्होंने कहा कि कई जिलों से सूचना आती है कि अभ्यर्थी ऋण किसी अन्य कार्य के लिए लेता है लेकिन बैंकों से धनराशि उपलब्ध होने के बाद कार्य कोई दूसरा करने लगता है। इस तरह के कार्य इस जनपद में कतई न हो।
ग्रामोद्योग अधिकारी इस ओर इकाईयों का लगातार निरीक्षण करवाते रहें। उन्होंने इंडस्ट्रियल एरिया में दिलीप गुप्ता का आरओ प्लांट, बघौली में भइया लाल की चाक प्लांट, गौरागांव में श्रवण कुमार का मधुपालन भी देखा।
इसके बाद उन्होंने सिनेमा रोड स्थित खादी ग्रामोद्योग कार्यालय का निरीक्षण किया व आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री रोजगार योजना व प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम दोनों की समीक्षा की व जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी को अधिक से अधिक संख्या में बेरोजगारों को लाभांवित करने के निर्देश दिए।
जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री रोजगार योजना में 11 इकाई स्थापित करने का लक्ष्य प्रदान किया गया है। इसका साक्षात्कार 18 दिसंबर को होना है जबकि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 35 इकाईयां स्थापित होने का लक्ष्य है इसमें आवेदन मांगे गए हैं। आवेदकों का साक्षात्कार 13 दिसंबर को निर्धारित है।