आधार कार्ड कैंपों को व्यवस्थित करने में जुटे
प्रशासन के लिए आज सिर मुंड़ाते ही ओले पड़ने की कहावत चरितार्थ हो गई।
कार्ड बनाने का कार्य कर रही टीमों के आपरेटरों की आईडी अवधि समाप्त होने
से अब 19 दिसंबर से आधार कार्ड बनाने का कार्य शहर में बंद हो जाएगा।
एसडीएम सदर पप्पू गुप्ता ने बताया कि एक सप्ताह तक आधार कार्ड बनाने का
कार्य आपरेटरों की आईडी वैधता संबंधी समस्याओं के चलते बंद रहेगा।
उन्होंने
बताया कि संबंधित कंपनियों को एक सप्ताह में जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने
के निर्देश दिए गए, ताकि एक सप्ताह बाद आधार कार्ड बनाने का कार्य सुचारु
रूप से कराया जा सके। ज्ञात हो कि 16 दिसंबर से ही शहर में कैंपों की डेट
लगी थी और आज तीसरे दिन शाम को ही कैंपों पर विराम लग गया। आधार कार्ड की
बढ़ती जरूरतोें ने लोगों को इसे काफी अहम जरूरत बना दिया है, लिहाजा कार्ड
बनवाने को लोग कामकाज छोड़कर लाइन लगा रहे हैं, इसके बाद भी दिक्कतों का
सामना करना पड़ रहा है।
इस समय राशन कार्ड और सब्सिडी को कुकिंग गैस
कनेक्शनोें की केवाईसी से लेकर बैंक एकाउंट की फीडिंग का कार्य चल रहा है।
राशन कार्ड बनवाने को आधार कार्ड का या वोटर कार्ड का होना अनिवार्य है। वोटर
और आधार कार्ड दोनों में से कोई एक भी नहीं है, तो राशन कार्ड नहीं बन
पाएगा। कुकिंग गैस सब्सिडी को भी आधार कार्ड के साथ बैंक एकाउंट लिंक कराना
या फिर सिर्फ बैंक एकाउंट फीड कराना जरूरी है। राशन कार्ड एवं कुकिंग गैस
कार्य ने 1 दिसंबर से काफी तेजी पकड़ी है।
राशन कार्ड को डाटा फार्म जमा
करने की अंतिम तिथि 21 दिसंबर है, तो कुकिंग गैस एजेंसिया भी फीडिंग कार्य
31 दिसंबर तक निपटाने के मूड में हैं। हालांकि, इसके लिए अभी अंतिम तिथि की
जानकारी नहीं दी गई, जिससे लोग आधार कार्ड के बनवाने को एक दम से न केवल
जागरूक हुए, बल्कि कामकाज छोड़कर आधार कार्ड कैंपों में लाइन लगा रहे है।
रेलवेगंज तथा धर्मशाला रोड एवं वैटगंज में कैंप लगाए जा रहे हैं।
इन
कैंपों पर बड़ी संख्या में लोग लाइन लगा रहे हैं और देर शाम प्रशासन ने
आपरेटरों की आईडी संबंधी समस्याओं से फिलहाल कार्ड बनाए जाने का काम बंद
होने की सूचना दी है। उधर, शहर की आबादी करीब डेढ़ लाख है और 26 वार्ड है।
शहर में फिलहाल तीन कैंप में आधार कार्ड बनाए जा रहे। आबादी की संख्या के
लिहाज से और कैंपों में लग रही लोगों की भीड़ को देखते हुए यह कैंप नाकाफी
साबित हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि हर वार्ड में कैंप लगाकर हर कैंप
में कम से कम पांच काउंटर लगाए जाएं, ताकि लोेगों को आधार कार्ड बनवाने में
कुछ राहत मिल सके और लाइन लगाने आदि की परेशानियां किसी हद तक दूर हो सके।