पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक जागरण मंच का जिला स्तरीय
सम्मेलन हुआ। इसमें समाज के महापुरुषों के बारे में जानकारी दी। आरोप लगाया
कि शहीदों की मूर्तियां लगाने पर राजनीति हो रही है, जिसका हर स्तर पर
विरोध होना चाहिए ।
पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक जागरण मंच के पहले
जिला स्तरीय सम्मेलन का शुभारंभ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम भरोसे आर्य
ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
स्वतंत्रता सेनानी
ने कहा कि शहीदों को सम्मान देना अच्छी बात है लेकिन उस सम्मान में राजनीति
करना उचित नहीं है। शहीदों को सम्मान देना है तो सभी समाज के महापुरुषों
का ध्यान रखना चाहिए।
पूर्व सपा जिलाध्यक्ष पद्मराग सिंह यादव
पम्मू ने कहा कि राष्ट्र निर्माण, आजादी तथा हरदोई के सामाजिक सांस्कृतिक
राजनैतिक निर्माण में सभी जाति धर्म के महापुरुषों ने योगदान दिया, लेकिन
दलित, पिछड़े एवं अल्पसंख्यक समाज के योगदान को दबाने का प्रयास किया गया।
मंच
समाज के इन वर्गों के गौरव को प्रकाश में लाकर नई चेतना जागृत करेगा। कहा
कि सामाजिक मंच अपने सजातीय महापुरुषों की मूर्तियां लगवाने का अभियान चला
रहा है।
राज्य एससी एसटी आयोग सदस्य पीके वर्मा ने कहा कि यह मंच
दलित व अन्य समाज के अधिकारों व सम्मान के लिए संघर्ष करेगा। नगर पंचायत
पाली अध्यक्ष रिजवान ने कहा कि सभी को जागरूक करेंगे। सुभाष पाल ने कहा कि
मंच दलित, पिछड़ा व अल्पसंख्यक के सर्वांगीण विकास और हिस्सेदारी की मांग
करता है।
सम्मेलन में पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष मिसबहाउद्दीन,
डा. अरुण मौर्या, डेरानाथ, जयराम शर्मा, बलराम पाल, कप्तान सिंह, महेंद्र
यादव भी मौजूद रहे।
मंच ने समाज के महापुरुषों की मूर्तियों को
लगवाने के लिए डीएम को ज्ञापन दिया। इसमें मदारी पासी, देवू पासी, शिव
वर्मा, जगदेव कपूर, बुलाकीराम वर्मा, चंदन प्रसाद पाल, महेश्वर प्रसाद पाल,
निरई राजपूत, सितवत अली, बाबू मोहन लाल वर्मा की स्थापना कराने की अनुमति
मांगी है।