राज्य पोषण मिशन की प्रगति का स्थलीय सत्यापन कराने
को शासन ने अब मंडल स्तर से नियुक्त अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी है।
मंगलवार को जिले में मिशन की मंडलीय समन्वयक ने जिले में आकर प्रगति जांची।
बाल विकास विभाग कार्यालय में उन्होंने गोद लिए गांवों की स्थिति और
कुपोषित बच्चों के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की रिपोर्ट ली।
पोषण
पुनर्वास केंद्र पर जाकर अतिकुपोषित बच्चों को दिए जा रहे उपचार की जानकारी
ली और रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही। कुपोषण से बचाव को प्रदेश सरकार
ने राज्य पोषण मिशन को शुरू किया। मिशन को शुरू हुए कई माह बीत चुके हैं,
ऐसे में मिशन द्वारा जिले में की गई प्रगति का सत्यापन भी शुरू करा दिया
गया।
शासन के निर्देश पर मंगलवार को मंडलीय समन्वयक श्रद्धा पंत ने जिले
में आकर मिशन की प्रगति पर रिपोर्ट तैयार की। बाल विकास विभाग कार्यालय
पहुंचकर उन्होंने जिले में गोद लिए गांवों में गए अफसरों द्वारा अभी तक किए
गए निरीक्षणों की जानकारी ली, साथ ही सामान्य व कुपोषित बच्चों की पहचान
करने को अपनाए जाने वाले तरीकों के बारे में जानकारी ली।
जिला कार्यक्रम
अधिकारी प्रकाश कुमार ने उन्हें लोगों को कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक
करने को किए गए कार्यों की जानकारी देने के साथ ही डीएम और सीडीओ द्वारा
गोद लिए गांव में हुई प्रगति की जानकारी तथा जागरूकता को 10 हस्तक्षेपों को
भी बताया।
मंडलीय समन्वयक ने भी अन्य गोद लिए गांवों में अफसरों द्वारा
किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट ली। उन्होंने सीएमओ से मुलाकात कर चिकित्सालय
से संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती बच्चों को दिए जा रहे उपचार और
उनके पोषाहार की जानकारी लेकर रिपोर्ट तैयार की।
कितने वर्ष तक बच्चे भर्ती
किए जाते हैं इसकी भी जानकारी ली। उन्होंने राज्य पोषण मिशन की प्रगति
रिपोर्ट शासन में भेजने की बात कही। उधर, पंत ने बताया कि राज्य पोषण
मिशन से संबंधित होने वाली बैठकों में भी वह प्रतिभाग करेंगी। जिसके लिए
उन्होंने बाल विकास विभाग को बैठक से पूर्व अवगत कराने के लिए कहा।
साथ ही
गत माह में हुई बैठक की कार्यवृत्ति भी ली और उस पर भी रिपोर्ट तैयार कर
शासन को भेजने की बात कही।