फर्रुखाबाद/हरदोई। बहन के साथ हरदोई के पचदेवरा थाना क्षेत्र के रामताल हनुमान मंदिर दर्शन करने जा रहे बाइक सवार ससुर की दामाद ने हथौड़ा चौराहा पर हॉकी और धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी। मंगलवार सुबह हुई घटना में अशोक की बहन भी घायल हुई है। उन्हें अल्हागंज सीएचसी में भर्ती कराया गया है। हमला इतना सुनियोजित ढंग से किया गया कि अशोक को अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालने का मौका नहीं मिला।
शाहजहांपुर जिले के अल्हागंज थाना क्षेत्र के इस्लामगंज निवासी अशोक बाबू अग्निहोत्री (51) की बहन अलका देवी पचदेवरा थाना क्षेत्र के हथौड़ा गांव में रहती हैं। अशोक बाबू मंगलवार सुबह बहन अलका को लेकर बाइक से रामताल स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। भतीजे रोहित ने बताया कि रामताल पुलिया के पास हथौड़ा चौराहा पर पहले से मौजूद अशोक के दामाद मनमोहन मिश्रा उर्फ मन्नू ने अशोक पर हमला बोल दिया। हॉकी और धारदार हथियारों से उन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। बचाने की कोशिश करने आई अलका पर भी मनमोहन ने हमला कर दिया। घटना की जानकारी पर अशोक का भतीजा राेहित परिजनों के साथ मौके पर पहुंचा। यहां से गंभीर हालत में अशोक बाबू को फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल ले गए। यहां चिकित्सक ने अशोक बाबू को मृत घोषित कर दिया। अलका का इलाज अल्हागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया। सहायक पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारायन ने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मनमोहन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जा रहा है। उसकी तलाश की जा रही है।
घर में चल रही थीं भतीजे की शादी की तैयारियां
अशोक बाबू अग्निहोत्री के बड़े भाई रामबाबू के बेटे रोहित अग्निहोत्री उर्फ गोलू के सभी कपड़े खून से सने थे। पैरों में महावर और हाथ में कंगन बंधा था। छोटे भाई कृष्ण कुमार ने बताया कि वह घटनास्थल गांव से पांच-छह किलोमीटर दूरी पर है। सूचना मिलते ही सबसे पहले वह और भतीजा मौके पर पहुंचा। रोहित ने चाचा को गोद में उठा लिया। सिर बुरी तरह कुचला था। मंगलवार को ही तिलक समारोह था। 21 फरवरी को बरात जानी थी। पूरा परिवार उसी की तैयारी में जुटा था।
अल्हागंज में दुकान मांग रहा था मनमोहन, इन्कार से बढ़ता चला गया मनमुटाव
अशोक की बेटी लक्ष्मी की शादी हथौड़ा निवासी मनमोहन मिश्रा के साथ 18 अप्रैल 2024 को हुई थी। मनमोहन दिल्ली में एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी में काम करता है। वहां परिवार समेत रहता है। भतीजे रोहित ने बताया कि मनमोहन शराब पीने का आदी हो गया था। इसकी वजह से वह लक्ष्मी को परेशान करता था। अशोक बाबू की अल्हागंज में बनी हुई दुकानों में से एक दुकान मांग रहा था। यह मांग पूरी न हाेने पर लक्ष्मी को ज्यादा परेशान करने लगा तो अशोक बाबू बेटी को अपने घर ले गए। लगभग ढाई माह से लक्ष्मी मायके में ही है। चर्चा है है कि अशोक बाबू ने मनमोहन को एक-दो लाख रुपये ले लेने या दुकान के लिए खाली जमीन देने का प्रस्ताव दिया था लेकिन इस पर बात नहीं बनी थी।