हरदोई। कहते हैं कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। दिमाग स्वस्थ है तो विचार भी उत्तम ही आएंगे। अफसोस यह कि जिन लोगों पर भविष्य गढ़ने की जिम्मेदारी है वे शारीरिक रूप से बीमार हैं। दरअसल अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के 300 अध्यापकों ने आवेदन किया। तबादला मांगने की वजह ज्यादातर ने बीमारी बताई। चर्चा है कि ऐसे आवेदकों की जांच मेडिकल बोर्ड से कराई जाएगी।
शासन ने अंतरजनपदीय स्थानांतरण की अनुमति दी है, इसके लिए आवेदन करना होगा। जिले में तैनात शिक्षकों में से 300 शिक्षकों ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है। एक परिषदीय विद्यालय में तैनात शिक्षक ने खुद को गंभीर बीमारी से पीड़ित बताते हुए गृह जनपद तबादला किए जाने की गुजारिश की है। एक शिक्षक ने पत्नी की नियमित डायलिसिस होने के कारण उपचार कराने के लिए गृह जनपद तबादला मांगा है। एक शिक्षक ने अपने कैंसर पीड़ित बुजुर्ग पिता की सहायता के उद्देश्य से तबादला मांगा है। नाम न छापने के अनुरोध पर शिक्षक बताते हैं कि कई बार उन लोगों को दोहरे मानसिक दबाव से गुजरना पड़ता है। कभी खुद की बीमारी तो कभी परिजन की जिम्मेदारी आड़े आ जाती है। ऐसे में अगर गृह जनपद तबादला हो जाए तो नौकरी और जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाया जा सकता है।
दिव्यांग शिक्षक-80
कैंसर से पीड़ित-12
डायलिसिस -8
-पति-पत्नी-135
अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए चार कैटेगरी निर्धारित की गई थीं। उनके आवेदन अग्रसारित किए गए हैं। शिक्षकों की ओर से जो चिकित्सीय प्रमाण पत्र लगाए गए हैं उसी आधार पर आवेदनों को अग्रसारित कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई महानिदेशक स्तर से की जाएगी। -प्रभाष कुंवर श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय