प्रदेश सरकार की ओर से जनता की समस्या के निदान को
थानों में शुरू किए गए समाधान दिवस महज औपचारिकता बनकर रह गए है। थानों पर
जहां फरियाद सुनने के लिए अधिकारी नहीं मिलते हैं, वहीं फरियादियों ने भी
थाने के स्थान पर मुख्यालय का रास्ता पकड़ लिया।
ज्ञात हो कि प्रदेश
सरकार ने जनता की समस्या के निदान को समाधान दिवस शुरू किया था, जिसमें
राजस्व अधिकारी के अलावा पुलिस अधिकारी भी समाधान दिवस पर पहुंच कर जनता की
समस्या सुन कर उसका निस्तारण करेंगे। समाधान दिवस के शुरू होने के समय
इसमें जोश दिखाई दिया।
पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारी भी थाने पहुंचे और
लोगों की समस्याएं सुनकर निदान किया। अफसरों के पहुंचने से वहां पर
फरियादियों की संख्या भी बढ़ी, पर धीरे-धीरे अफसरों ने थाना समाधान दिवस
में प्रतिभाग करना कम कर दिया। जिसका असर फरियादियों पर पड़ा। फरियादियों
ने न्याय न मिलने पर मुख्यालय की रास्त पकड़ ली।
इससे जिलास्तरीय अफसरों
के यहां फरियादियों की भीड़ बढ़ गई, पर थाने पर समाधान दिवस पर भीड़ कम हो
गई। शनिवार को हरियावां थाने शिकायत सुनने वाला कोई नहीं था। राजस्व विभाग
के कर्मचारी पहुंचे, पर उनके बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, इससे वह
कुछ देर थाने परिसर में टहलने के बाद वापस लौट आए।
इस संबंध में
थानाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने बताया कि वह बाहर हैं, थाने पहुंचने पर इस
मामले की जानकारी लेंगे। वहीं शहर कोतवाली में थाना दिवस पर तहसीलदार सदर
पहुंचे। तहसीलदार के साथ एसएसआई सुरेश वर्मा फरियादियों का इंतजार करते
रहे, पर कोई फरियादी थाने नहीं पहुंचा। अन्य थानों में भी कुछ इसी प्रकार
सन्नाटा छाया रहा।
उधर, संडीला स्थित कोतवाली में समाधान दिवस का आयोजन
किया गया। यह समाधान दिवस सीओ चरन सिंह की अध्यक्षता मेें आयोजित किया गया।
इस मौके पर कुल दो राजस्व की शिकायतें दर्ज की गईं। इस मौके पर सभी
क्षेत्रों के लेखपाल व कोतवाल डीपी सिंह मौजूद रहे।