कांशीराम शहरी आवासीय कालोनी में खाली कराए जा रहे
आवासों को लेकर शनिवार को कुछ महिलाएं एसपी दफ्तर पहुंची। महिलाओं ने कोर्ट
से स्थगन आदेश होने के बावजूद आवास खाली कराने का आरोप लगाया। जिसमें
देहात कोतवाली पुलिस की संलिप्तता बताई है।
महिलाओं ने पत्र देकर कार्रवाई
की मांग की। कांशीराम शहरी आवासीय योजना में कुछ दिन पहले कई आवासों को
खाली करवाकर उनमें नए आवंटियों को सौंप दिया गया। जिला प्रशासन के अनुसार
जो आवास बंद थे और उनके वास्तविक आवंटी नहीं रह रहे थे, उनको निरस्त कर
दूसरे पात्रों को आवास सौंपे गए।
इसी को लेकर प्रशासन ने नए आवंटियों को
कब्जेदारी की कार्रवाई भी की थी। कालोनी में इसी कार्रवाई के विरोध में
लोगों में रोष व्याप्त है। जिस पर कई पुराने आवंटियों ने कोर्ट से स्थगन
आदेश ले लिया। आवंटियों ने अब कुछ अराजकतत्वों पर स्थगन आदेश के बाद भी
जबरन आवास खाली कराने का आरोप लगाया है।
इसमें कोतवाली पुलिस की
संलिप्तता भी बताई। आवासों को खाली कराने को लेकर शनिवार को महिलाओं ने
एसपी कार्यालय पर पहुंच कर शिकायत की। महिलाओं ने बताया कि कोर्ट ने 18
फरवरी को स्थगन आदेश पारित कर दिया। जिसकी एक प्रति डीएम को भी जा चुकी है।
पर इसके बाद भी कुछ अराजकतत्व पुलिस के साथ आए और आवास खाली कराने लगे।
महिलाओं ने कोर्ट के आदेशों का अनुपालन कराने की मांग की है। इस दौरान सुधा
राठौर, रणधीर सिंह, नीलम, कमरूनिशां, मंजू कश्यप, शकुंतला, गुड्डू व रमेश
आदि मौजूद थे।