हरदोई/मल्लावां। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के बहाने ही सही रुइया गढ़ी स्मारक की सूरत और सीरत बदल गई। मुख्यमंत्री को हिचकोले न लगे इसके लिए रामजानी पुरवा से स्मारक तक जाने वाले मार्ग को बनवा दिया गया है। वहीं, स्मारक स्थल और आसपास की भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जा रहा है।
माधौगंज के रुइया गढ़ी स्मारक पर 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी का आना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के भ्रमण के समय किसी भी प्रकार की कोई कमी न रह जाए, इसे लेकर सभी तैयारियां की जा रही हैं। राम जानीपुरवा गांव मोड़ से स्मारक की दूरी करीब 700 मीटर है। यह मार्ग कई साल से जर्जर था। जिम्मेदारों के साथ किसी ने भी जर्जर मार्ग पर ध्यान नहीं दिया। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय होते ही मार्ग का नवीनीकरण हो गया।
इस मार्ग पर मुख्यमंत्री का हेलीपैड भी बनवाया गया है, जो कि सभास्थल से करीब 300 मीटर पहले है। मुख्यमंत्री को स्मारक स्थल और जनसभा स्थल तक आने-जाने में हिचकोले न लगने पाए इसके दृष्टिगत जिला पंचायत ने रातो रात मार्ग का निर्माण करा दिया। माधौगंज से राम जानीपुरवा गांव की दूरी करीब तीन किलोमीटर है। इस मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए थे, लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। 15 अप्रैल के कार्यक्रम में अन्य मंत्रियों के भी आने के दृष्टिगत मार्ग के गड्ढों को भी भराया गया। ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री भले ही हेलीकॉप्टर से आए, लेकिन उनके आने भर की खबर से ही सड़क की मरम्मत हो गई।
स्मारक स्थल को भव्यता दिए जाने के साथ रंगाई-पुताई भी कराई गई
रुइया गढ़ी स्मारक को भव्यता दिए जाने के लिए रंगाई-पुताई, फर्श के टाइल्स, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर बलिदानी राजा नरपत सिंह की प्रतिमा के आसपास के पत्थरों की घिसाई का भी काम समिति ने शुरू करा दिया है। पर्यटन विभाग ने साल 2021-2022 में स्मारक बैठक कक्ष बनवाया था, लेकिन वहां तक जाने के लिए रास्ता और रैंप नहीं बनवाया था।
रविवार को रैंप का भी काम भी हो गया। विधायक आशीष सिंह आशू ने स्मारक स्थल पर चल रहे काम और व्यवस्थाओं को देखा। स्मारक के सचिव राहुल सिंह रैकवार ने बताया कि बैठक कक्ष अभी समिति को हैंडओवर नहीं हुआ है। साफ-सफाई और पौधरोपण का भी काम कराया जा रहा है। बता दें कि कार्यक्रम के प्रस्तावित होने के बाद से डीएम मंगला प्रसाद सिंह, एसपी नीरज कुमार जादौन प्रतिदिन कार्यक्रम स्थल का जायजा ले रहे हैं। अधिकारियों-कर्मचारियों को व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी दी है।