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घर के बाहर सो रही महिला की गला दबाकर हत्या

Fri, 29 Jun 2018 11:07 PM IST
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सुमन की फाइल फोटो। - फोटो : amarujala
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कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बेरिया नजीरपुर में घर के बाहर चारपाई पर सो रही महिला की गला दबाकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार सुबह मवेशियों को चारा पानी करने पहुंचे बटाईदार ने शव देखकर ग्रामीणों को सूचना दी। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी व अन्य पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। चौकीदार की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने मृतका के जेठ और बटाईदार को हिरासत में लिया है।  
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बेरिया नजीरपुर निवासी सुमन देवी (40) पत्नी  स्व. चंद्रप्रकाश गुरुवार की रात अपने घर के बाहर चारपाई पर सोयी थीं। सुमन देवी के पति चंद्रप्रकाश की दो मार्च को बीमारी से मौत हो गई है। सुमन के संतान नहीं है। शुक्रवार सुबह सुमन देवी के खेतों का बटाईदार मजीद पुत्र नबीबक्श मवेशियों को चारा पानी करने के लिए पहुंचा। सुमन के नजर न आने पर उसने इधर-उधर देखा। मवेशी बांधे जाने की जगह से कुछ दूर घर के बाहर चारपाई पर सुमन का शव पड़ा था।

चेहरे पर चादर पड़ी थी। मजीद ने पड़ोस में रहने वाली शीला को बुलाया। उन्होंने सुमन के चेहरे से चादर हटाई। पता चला कि सुमन की हत्या की गई है। मुंह में सफेद गमछा ठूंसकर पीछे की ओर बांध दिया गया था। गला दबाए जाने के निशान भी थे। हत्या की सूचना सरेआम होने से  ग्रामीणों की भीड़ लग गई। पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। दोपहर में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से पूछताछ की। प्रभारी निरीक्षक आरपी सिंह ने बताया कि चौकीदार विनोद कुमार पुत्र छोटेलाल की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पूछताछ के लिए सुमन जेठ रामेंद्र कुमार और बटाईदार मजीद को हिरासत में लिया गया है।  
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इनसेट  
... तो संपत्ति के लिए की गई सुमन की हत्या  
गांव में आम चर्चा है कि साढ़े चार बीघा खेत के लिए सुमन की हत्या कर दी गई। हत्या को किसी करीबी ने अंजाम दिया है। बताया गया कि सुमन के पति चंद्रप्रकाश दो भाई थे। चंद्रप्रकाश छोटा और रामेंद्र बड़ा है। चंद्रप्रकाश ने 14 वर्ष पूर्व बिहार में सुमन से विवाह किया था। चंद्रप्रकाश और सुमन के कोई संतान नहीं थी। दो मार्च को चंद्रप्रकाश और 10 मार्च को चंद्रप्रकाश के पिता प्यारेलाल की मौत हो गई थी। प्यारेलाल के पास नौ बीघा खेती थी।

इसमें से साढ़े चार बीघा खेती सुमन के नाम चढ़ गई। साढ़े चार बीघा खेत रामेंद्र के नाम दर्ज हो गया था। प्रभारी निरीक्षक आरपी सिंह के मुताबिक संपत्ति के लिए हत्या की बात सबसे पहले चर्चा में आई। आरोप अनौपचारिक तौर पर जेठ रामेंद्र की तरफ है। रामेंद्र के पांच पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। यह भी पता चला है कि रामेंद्र काफी दिनों से भूमि हड़पने की कोशिश कर रहा था। क्षेत्रीय लेखपाल से मिलकर जमीन की वरासत कराने की कोशिश भी की गई थी।
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