नवरात्र के पांचवें दिन शनिवार को घरों से लेकर मंदिरों तक में देवी के
पांचवें स्वरूप स्कंदमाता के जयकारे सुनाई देते रहे। नवरात्र के पांचवें
दिन शनिवार को स्कंदमाता की पूजा की गई। भक्तों ने पूरे उत्साह से इनका
विधि विधान से पूजन अर्चन किया। शहर के संतोषी माता मंदिर, काली मां मंदिर,
फूलमती देवी मंदिर, मां श्रवण देवी मंदिर सहित समस्त
मंदिरों मेें पूजन
अर्चन को श्रद्धालुआें की पंक्तियां लगी रहीं। भक्तों की लंबी चौड़ी भीड़
और मां के दर्शनों में आ रही दिक्कतों के बाद भी श्रद्धालुओं के उत्साह में
कोई कमी नहीं देखी गई। शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि स्कंदमाता
अष्टभुजा देवी हैं। जो प्रसन्न होेन पर अपने भक्तों को आयु, यश, बल और
आरोग्य का वरदान देती है। इनकी कांति व
आभा सूर्य के समान प्रकाशमान है।
इसी क्रम में त्रिनेत्र फाउंडेशन समिति के तत्वावधान में पंजाबी कालोनी में
उत्सव मनाया गया। मां का विधि विधान से पूजन अर्चन किया गया। बाईपास स्थित
काली मंदिर में दिन भर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही तथा भजनों का दौर जारी
रहा।