हरदोई। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से आंदोलनरत शिक्षामित्रों ने शुक्रवार को शहर में पैदल मार्च निकाला। पैदल मार्च के दौरान तेज धूप और आक्रोश के कारण आदर्श समायोजित शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के एक पदाधिकारी समेत छह शिक्षामित्र गश खाकर बेहोश हो गए। पैदल मार्च के दौरान मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आनन-फानन उन्हें जिला अस्पताल भेजा। इनमें से दो की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया गया।
आंदोलित शिक्षामित्र शुक्रवार सुबह गांधी मैदान में एकत्र हुए। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ और आदर्श समायोजित शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले समायोजित शिक्षकों ने आक्रोश जताया। आक्रोश को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानंजय सिंह, नगर मजिस्ट्रेट वंदिता श्रीवास्तव, बड़े पैमाने पर पुलिस बल परिसर में तैनात था। शिक्षामित्रों ने गांधी मैदान में धरना-प्रदर्शन करने के बाद शहर में पैदल मार्च किया।
मार्च के दौरान आदर्श समायोजित शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिला सचिव अरुण दीक्षित बेहोश हो गए। इसके अलावा विरोध प्रदर्शन में शामिल पुष्पा देवी, पूनम सिंह, अवधेश कुमारी, ऊषा देवी, मैना देवी भी अलग-अलग स्थानों पर गश खाकर बेहोश हो गए। अलग-अलग वाहनों से इन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने पूनम सिंह और मैना देवी को लखनऊ रेफर कर दिया।
कोई एंबुलेंस से तो कोई सिटी मजिस्ट्रेट की कार से गया अस्पताल
विरोध प्रदर्शन के दौरान बेहोश हुईं पुष्पा देवी प्राथमिक स्कूल सन्धाना, अहिरोरी एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाई गईं। पूनम सिंह , प्राथमिक स्कूल रेदापुरवा, सुरसा एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजी गईं। शिक्षामित्रों के नेता अरुण दीक्षित दीक्षित, प्राथमिक स्कूल लोनहरा, कछौना, ऑटो से जिला अस्पताल ले जाए गए। अवधेश कुमारी प्राथमिक स्कूल सगैचामऊ, सांडी कोतवाल की गाड़ी से और ऊषा देवी, प्राथमिक स्कूल कुकुही, कछौना सिटी मजिस्ट्रेट की गाड़ी से जिला अस्पताल भेजी गईं। मैनादेवी , प्राथमिक स्कूल बघौड़ा, कछौना पुलिस की गाड़ी से जिला अस्पताल रेफर की गईं।