मल्लावां कसबे के मोहल्ला भगवंतनगर में हो रही रामलीला में मंगलवार को सीता स्वयंवर की लीला का मंचन हुआ। रामलीला का उद्घाटन क्षेत्रीय बसपा विधायक बृजेश वर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कराने से लोगों में आस्था बढ़ती है।
लीला में दिखाया गया कि भगवान शिव का दिया धनुष राजा जनक के घर पर था। एक दिन घर की सफाई करते समय माता सीता ने उसे उठाकर दूसरे स्थान पर रख दिया। सीता जी को इतना ताकतवर देख राजा जनक ने उसी समय घोषणा कर दी कि जो भी राजा इस धनुष को तोड़ेगा, उसी के साथ सीता का स्वयंवर होगा।
सीता स्वयंवर की सारी तैयारियां पूरी की गईं। कई देशों के महाराजा स्वयंवर में शामिल हुए। कोई भी धनुष को तोड़ना तो दूर हिला तक न सका। यह देख राजा जनक विलाप करने लगे। इसके बाद गुरु विश्वामित्र की आज्ञा लेकर भगवान श्रीराम धनुष की ओर बढ़े और धनुष को प्रणाम कर उसकी प्रत्यंचा खीचीं कि धनुष टूट गया।
इसके बाद भगवान परशुराम क्रोधित होकर सभा में आते है। उनका लक्ष्मण से संवाद होता है। कलाकारों में राजा जनक का अभिनय सियाराम शुक्ला, रावण बाणासुर का गोविंद गोपाल, लक्ष्मण का गोपाल द्विवेदी, परशुराम का त्रिभुवन, भगवान श्रीराम का पं. राकेश ने निभाया। इस मौके पर कमेटी के महामंत्री भास्कर मिश्रा, मयंक अग्निहोत्री, विनोद दीक्षित, आलोक मिश्रा आदि मौजूद रहे।