फोटो- 14- भाई विहान को राखी बांधती बहन त्रिशा। स्रोत:स्वयं
हरदोई। भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का त्योहार रक्षाबंधन शुक्रवार को बहुत ही उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही घरों में तैयारियां शुरू हो गईं। बहनों ने भाइयों के माथे पर रोली-अक्षत से तिलक लगाया, आरती उतारी और कलाई पर रेशम की राखी बांधकर सुख-समृद्धि की कामना की। भाइयों ने भी बहनों की रक्षा का संकल्प लिया और उपहार भेंट किए।
रक्षाबंधन पर बहनों ने सुबह पूजन के साथ थाली सजाई और भगवान श्रीगणेश को राखी बांधी। इसके बाद शुभ मुहूर्त में भाइयों को तिलक लगाकर राखी बांधी और मुंह मीठा कराया। रक्षाबंधन पर शहर, नगर और कस्बों की बाजारों में चहल-पहल रही। लोगों ने राखी, मिठाई और उपहारों की खरीदारी की।
646 बहनों ने 434 भाइयों को बांधी राखी
जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों से बहनों की मुलाकात और रक्षाबंधन के लिए शुक्रवार को विशेष इंतजाम किए गए थे। सुबह से ही भाइयों को रक्षा सूत्र बांधने के लिए महिलाओं की कारागार के बाहर भीड़ लग गई। जेल अधीक्षक अमन कुमार सिंह ने बताया कि कारागार में 434 पुरुष और चार महिला बंदी हैं। इनसे मुलाकात के लिए 438 पर्ची प्राप्त हुईं। इन पर 646 महिलाओं ने मुलाकात कर अपने-अपने भाइयों को टीका लगाकर राखी बांधी जबकि पांच पुरुषों ने मुलाकात कर कारागार में निरुद्ध बहनों से राखी बंधवाई। वहीं 299 बच्चों ने अपने स्वजनों से मुलाकात की। (संवाद)
फोटो- 14- भाई विहान को राखी बांधती बहन त्रिशा। स्रोत:स्वयं
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फोटो- 14- भाई विहान को राखी बांधती बहन त्रिशा। स्रोत:स्वयं