संडीला। साहब, अभिलेखों में नाम दर्ज होने के बाद भी प्लॉट पर कब्जा नहीं मिल रहा है।
प्लॉट पर नींव भी भरी है और मकान से विपक्षी लोग रोक देते हैं। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। शनिवार को यह शिकायत तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रहे डीएम से मोहल्ला मुल्लन टोला निवासी सुषमा सोनी ने की। ऐसे ही मीतौ के शौकत अली ने शिकायत दर्ज कराई कि चकरोड पर लोगों का कब्जा है।
नवीन तहसील सभागार में डीएम एमपी सिंह की अध्यक्षता में हुए संपूर्ण समाधान दिवस में कस्बा के मोहल्ला किसान टोला निवासी शौकत अली ने मीतौ में एक चकरोड पर कब्जा होने की शिकायत की। कहा कि चकरोड पर कब्जे के कारण छात्रों को स्कूल जाने वाले और ग्रामीणों को आवागमन में समस्या होती है। बालामऊ निवासी रामप्रसाद ने शिकायत दर्ज कराई कि चरागाह की भूमि पर कब्जा है। उसको खाली करवाने के लिए कई बार शिकायत की गई, लेकिन कब्जा हट नहीं रहा।
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि सभी शिकायतों पर गुणवत्तापूर्वक व स्थलीय निरीक्षण कर निस्तारण करें। प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्रों को ही लाभांवित किया जाए। कुल 208 शिकायतें प्राप्त हुईं, इसमें आठ का मौके पर निराकरण किया गया। एसपी नीरज कुमार जादौन, एसडीएम डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव, तहसीलदार प्रियंका जोशी, सीओ सत्येंद्र सिंह, ईओ विजेता गुप्ता, बीडीओ प्रतिमा शर्मा आदि मौजूद रहीं।
तहसील सदर में सीडीओ सौम्या गुरूरानी ने शिकायतों को सुना। यहां 82 शिकायतों को दर्ज किया गया और इसमें से एक का मौके पर निस्तारण किया गया। सीडीओ ने शिकायतों से संबंधित अधिकारियों से कहा कि वह स्थलीय जांच और शिकायतकर्ता को सुनकर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। एसडीएम एसके मिश्रा, सीओ अंकित मिश्रा, तहसीलदार सचिंद्र शुक्ला, डीएसटीओ डॉ. रामप्रकाश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सवायजपुर में एसडीएम संजय अग्रहरि ने शिकायतें सुनीं। यहां कुल 47 शिकायतें दर्ज की गईं, जिसमें एक शिकायत का मौके पर निस्तारण किया गया।
तहसील सदर में सीडीओ की अध्यक्षता वाले संपूर्ण समाधान दिवस में तहसील स्तरीय 12 अधिकारी गैरहाजिर रहे। सदर एसडीएम ने गैरहाजिरी की रिपोर्ट सीडीओ को दे दी है। बताया कि टड़ियावां के बीडीओ, देहात कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक, टड़ियावां और बघौली के थानाध्यक्ष, खाद्य एवं रसद विभाग के अहिरोरी के पूर्ति निरीक्षक, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता, सीडीपीओ शहर, पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता, विद्युत विभाग के सहायक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता और वन विभाग से वन रक्षक गैरहाजिर रहे।