हरदोई। साहब! मैं जिंदा हूं, कागज और पोर्टल पर जीवित करा दीजिए खबर के बाद से कागज पर मृत दर्शाए गए बुजुर्गों को हक मिलने की आस जाग गई है। विकास खंड पिहानी के बाद सोमवार को विकास खंड मल्लावां से कागज पर मृत व्यक्ति को खुद जिंदा साबित कराने के लिए कलक्ट्रेट आ गया। कागजों पर मृत व्यक्ति को जीवित देखकर डीएम भी अवाक रह गए।
कलक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान विकास खंड मल्लावां के कोडरमऊ निवासी रामऔतार पुत्र मिश्रीलाल नवीन व्यवस्था में पर्ची के साथ शिकायती पत्र लेकर डीएम के सामने पहुंच गया। रामऔतार ने कहा कि साहब मैं भी जिंदा हूं लेकिन, कागज पर मृत दर्शा दिया गया है। इससे बुजुर्गी में भरण-पोषण के लिए मिलने वाली पेंशन भी बंद हो गई है। कागजों पर मृत व्यक्ति को सामने देख डीएम एमपी सिंह भी अवाक रह गए। उन्होंने बुजुर्ग को बैठाने के साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाकांत से कोडरमऊ की वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों की सत्यापन रिपोर्ट तलब कर ली।
पंचायत सचिव की सत्यापन रिपोर्ट पर मल्लावां बीडीओ की ओर से की गई संस्तुति में कोडरमऊ में एक लाभार्थी को ही मृत दर्शाया गया है। सत्यापन रिपोर्ट और बुजुर्ग के अभिलेखों के परीक्षण के बाद डीएम ने बीडीओ मल्लावां से नाराजगी जाहिर की। बिलग्राम एसडीएम की अध्यक्षता में बीडीओ मल्लावां, जिला समाज कल्याण अधिकारी को नामित करते हुए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। बताया कि तीन दिन में स्थलीय और अभिलेखों की जांच रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद जो भी दोषी होगा एफआईआर कराई जाएगी।