हरदोई। प्रधानमंत्री की लॉकडाउन की घोषणा के बाद 14 अप्रैल तक के लिए शहर खामोश सा दिखेगा। ये सभी के धैर्य की परीक्षा है और इसमें पास होना है। तभी कोरोना से जंग जीत सकेंगे। बुधवार सुबह से ही जिले की सड़कों पर छाया सन्नाटा ये दिखा रहा था कि लोग इस मुहिम में साथ हैं। लोग घरों में कैद दिखे तो प्रशासनिक अमला मोर्चा संभालता रहा।
बुधवार को दुकानें व बाजार नहीं खुले। रिक्शे, ई रिक्शे, आटो आदि सभी सड़कों से गायब दिखे। कुछ लोग बाहर निकले तो उन्हें पुलिस ने फटकार कर घर भेज दिया। एसपी अमित कुमार ने फोर्स के साथ शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क पर जो लोग निकले, उनकी जरूरतों को पूछ घर जाने की सलाह दी।
प्रशासन इस ओर पूरी तरह से अलर्ट है कि कहीं कोई भीड़ न लगने पाए। इसके कारण शहर में कई गैस एजेंसियों को बंद करवा दिया गया तो वहीं कुछ एजेंसियां खुली रहीं। यहां से होम डिलीवरी भी की गई। सिलिंडर की खातिर लोग परेशान भी दिखे।
कहीं पाइप तो कहीं बल्लियां डाल रोका ास्ता
हरदोई। शहर के प्रमुख मार्गों पर कहीं पाइप डाल दिए गए तो कहीं बल्लियों से रास्ता रोक दिया गया। आकस्मिक सेवाओं को लागू रखने के लिए आवश्यक वाहनों को ही जाने दिया गया।
ई रिक्शा चालक के साथ अन्य पर भी फटकारी लाठियां
शहर में लाख कोशिशों के बाद भी जब लोग नहीं माने तो पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ीं। बाबा मंदिर चौराहे के निकट ई रिक्शा पर कुछ सवारियां जब आतीं दिखीं तो पुलिस को ई रिक्शा रोक लाठियां फटकारनी पड़ीं।
हालात सही नहीं हैं, दायित्व निभाएं
हरदोई। लोग घरों पर ही रहें, इसको लेकर पुलिस लोगों को समझाने का प्रयास कर रही है। नुमाइश चौराहे पर एएसपी ज्ञानंजय सिंह ने स्कूटी पर जा रही युवतियों को रोककर समझाने का प्रयास किया। कहा कि हालात सही नहीं हैं। हम सभी को अपना दायित्व पूरा कर घरों पर ही रहना है।
दवा के पर्चे दिखाए तो जांची तारीख
रोक के बावजूद बुधवार दोपहर बाद कई युवक बाइक पर दिखाई दिए। चौराहा पर पहुंचते ही पुलिस द्वारा रोके गए तो कइयों ने दवा के पर्चे ही निकाले। पर्चों पर पुरानी तिथियां लिखी होने पर पुलिस कर्मियों ने हिदायत देकर सभी युवकों को वापस घर जाने की सलाह दी।