शिक्षामित्रों का आक्रोश थम नहीं रहा है। बुधवार को
बैठक कर शिक्षामित्रों ने आगे के आंदोलन की रणनीति बनाई। साथ ही जुलूस
निकालकर नारेबाजी की।
मल्लावां में शिक्षामित्रों ने मानव संसाधन
विकास मंत्री स्मृति ईरानी को संबोधित ज्ञापन भाजपा सांसद अंजूबाला को
सौंपा। साथ ही ऐलान किया कि न्याय न मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके चलते
अधिकांश स्कूलों में ताले लटकते रहे। सांसद ने शिक्षामित्रों को मदद का
आश्वासन दिया।
शिक्षामित्रों ने बुधवार को भी शिक्षण कार्य का
बहिष्कार किया और विद्यालयों में शिक्षण कार्य नहीं होने दिया। इससे
विद्यार्थियों को विद्यालय से वापस लौटना पड़ा। जिले के लगभग सात सौ
शिक्षामित्रों के पास विद्यालय का प्रभार है। इस कारण तीन दिन से सात सौ
विद्यालयों में ताला पड़ा है।
शिक्षामित्र विद्यालयों की चाबी साथ
में लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है। बुधवार को शिक्षामित्रों ने गांधी भवन
में विरोध प्रदर्शन करने के बाद जुलूस निकाला। ये गांधी भवन से सिनेमा
चौराहा होते हुए सीएसएन महाविद्यालय पहुंचे।
यहां शिक्षामित्रों ने
चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वापस गांधी भवन
पहुंचे। शिक्षामित्र समायोजन के निर्णय के विरोध में नारेबाजी करते रहे।
शिक्षामित्रों
ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा कि यदि शिक्षामित्रों
की योग्यता में कोई कमी है तो प्रधानमंत्री संसद में कानून बनाकर योग्यता
को पूर्ण कराएं। समायोजित शिक्षकों को पुन: सहायक अध्यापक के पदों पर बहाली
कराएं।
शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका कार्य
बहिष्कार जारी रहेगा। विद्यालयों में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया
जाएगा। अगर फिर भी बात न बनी तो दिल्ली में संसद का घेराव कर विरोध
प्रदर्शन किया जायेगा।
शिक्षामित्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर
जिला और पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। शिक्षामित्रों के प्रदर्शन के मद्देनजर
भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट और सीओ हरियावां
जितेंद्र गिरी शिक्षामित्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान साथ-साथ चलते रहे।
इसके अलावा चौराहों पर भी पुलिस बल तैनात रहा।
शिक्षामित्रों का
आंदोलन तेज हुआ तो शिक्षकों की मौज हो गई। तालाबंदी का बहाना मिला तो
शिक्षक फायदा उठाने में चूक नहीं की। ज्यादातर विद्यालयों में अध्यापक भी
गायब रहते हैं।
शिक्षामित्रों के आंदोलन के चलते भरावन क्षेत्र के
अधिकतर विद्यालय बंद मिले। प्राथमिक विद्यालय रूदौली में आधा दर्जन टीचर
तैनात हैं लेकिन बुधवार को विद्यालय में कोई टीचर नजर नहीं आया। स्कूल में
सुबह से ही ताला लटक रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन से विद्यालय में
कोई टीचर नहीं आया।
बच्चों ने काफी देर तक स्कूल खुलने का इंतजार
किया। ताला नहीं खुला तो वापस लौट गए। प्राथमिक विद्यालय कोयली में भी ताला
लटकता मिला। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोयली में अध्यापक तो आए थे, लेकिन
बच्चे नहीं आए। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर छतिहा में भी
सन्नाटा था।
अध्यापक मैदान में बैठकर समय काट रहे थे। उच्च
प्राथमिक विद्यालय पकरियाकोल में ताला लटकता मिला। ग्रामीणों ने बताया कोई
अध्यापक नहीं आया। सुबह बच्चे आए थे। इंतजार करने के बाद वापस लौट गये।
मिड-डे मील भी नहीं बना। उच्च प्राथमिक विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय
पंवाया में भी ताला लटकता मिला।
ग्रामीणों ने बताया बच्चे गए थे।
स्कूल नहीं खुला तो वापस आ गए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरोइया तथा
प्राथमिक विद्यालय नरोइया में भी अध्यापकों के न आने से ताला लटकता रहा।
प्राथमिक विद्यालय भरावन द्वितीय व उच्च प्राथमिक विद्यालय भरावन भी बंद
रहा। शिक्षकों के गायब होने से बच्चे वापस लौट गये।