सिक्खों के नवें गुरु व योद्धा गुरू तेग बहादुर का शहीदी पर्व मंगलवार को जिले में बड़े ही श्रद्धाभाव से मनाया गया। नई बस्ती स्थित गुरुद्वारा में सिक्खों ने शबद व कीर्तन कर भावविभोर कर दिया।
गुरुद्वारा में उनके व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। गुरुद्वारा के पदाधिकारियों ने गुरू तेग बहादुर के बलिदान की विस्तृत चर्चा करते हुए उनक ी शहादत से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
गुरु तेग बहादुर के शहीदी पर्व पर गुरुद्वारा में अखंड पाठ कराया गया। मुख्य ग्रंथी ने शबद कीर्तन में ठीकरि फोरि दिलीसि सिरि, प्रभ पुर कीआ व्याम, करी न किनहु आन, तेग बहादुर के चलत, भयो जगत को सोक... भजन गाकर उपस्थित संगत को वाणी की मधुरता से भावविभोर कर दिया।
वहीं धर्म हेतु साका जिन कीआ, सीस दिया पर सिरर न दिया... भजन गाकर गुरु जी के व्यक्तित्व को दर्शाया। अंत में मुख्य ग्रंथी द्वारा आनंद साहिब का पाठ किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी व सदस्यगण मौजूद रहे।