शीत लहर के चलते सोमवार को न्यूनतम पारा 4 डिग्री
सेल्सियस पर पहुंच गया, जिसके चलते आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। सारे दिन
कोहरे की चादर से जिला ढका रहा। लोग जगह-जगह आग जलाकर तापते नजर आए। कड़ाके
सर्दी के चलते सुबह जब स्कू ल जाने वाले बच्चों का भी कलेजा कांप गया।
शीतकालीन अवकाश घोषित कर परिषदीय
विद्यालयों को 10 जनवरी तक बंद कर दिया गया है। करीब एक पखवाड़े से बदला
मौसम का मिजाज कोहरा और सर्द हवाओं के चलते और तीखा हो गया है, ऐसे में
सूर्य देवता के दर्शन न होने से गलन बढ़ गई।
सोमवार को न्यूनतम पारा 4
डिग्री व अधिकतम पारा 10 डिग्री सेल्सियस पर आने से लोग ठंड से सिहर उठे।
मुख्य मार्गोें पर दिन में भी वाहनों को लाइटें जलाकर आते जाते देखा गया। इधर, पंच नदियों से घिरे कटियारी क्षेत्र में पारा 2 डिग्री के आसपास आने
से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं पशु पक्षी सर्दी से
बेहाल लग रहे है।
उधर, प्रभारी बीएसए उदय नरायण कटियार ने बताया कि 26
दिसंबर से 10 जनवरी तक परिषदीय विद्यालयों में घोषित शीतकालीन अवकाश रहेगा। इसके
तहत जिले के परिषदीय स्कूल 23 दिसंबर से बंद होने के बाद 11 जनवरी को
खुलेंगे।
उधर, कोहरे का असर अब आम जनजीवन के अलावा
यातायात पर भी पड़ रहा है। एक ओर जहां बसों की रफ्तार धीमी हो गई वहीं
ट्रेनों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा।
सोमवार को डाउन रूट पर अमृतसर से
हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल निरस्त हो गई, वहीं मेरठ से लखनऊ जाने वाली
इंटरसिटी एक्सप्रेस 6 घंटे, देहरादून से हावड़ा जाने वाली एक्सप्रेस साढ़े
चार घंटे। चंडीगढ़ से लखनऊ जाने वाली लखनऊ मेल 12 घंटे विलंब से आई,
जबकि अप रूट पर बनारस से बरेली जाने वाली एक्सप्रेस 5 घंटे, शक्तिनगर से
बरेली जाने वाली त्रिवेदी 5 घंटे और गोहाटी से लालगढ़ जाने वाली गुवाहाटी
एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे विलंब से आई, जिसके चलते यात्रियोें को स्टेशन पर
काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।