अपर जिला जज लक्ष्मीकांत शुक्ला ने मंगलवार को एक
मुकदमे की सुनवाई कर जान लेवा चोट पहुंचाने के आरोप में चार अभियुक्तों को
सजा सुनाई। अदालत ने आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया। उधर, अपर मुख्य न्यायिक
मजिस्ट्रेट द्वितीय राजमणि ने अठारह वर्ष पुराने मुकदमे की सुनवाई पूरी कर
मारपीट के अपराध में तीन अभियुक्तों को दो-दो साल की कैद व ढाई-ढाई हजार
रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
कोर्ट के समक्ष चले मुकदमे के घटनाक्रम के
अनुसार सुरसा क्षेत्र के मढ़िया निवासी विनय यादव ने आरोप लगाया था कि 7
जुलाई 07 को सुबह साढे़ ग्यारह बजे वह अपने परिजनों के साथ खेत के पास
पट्टे वाली जमीन पर थे, तभी जमीनी विवाद को लेकर शिव प्रसाद, राम किशोर,
अमर सिंह, राम प्रकाश ने उसे व उसके भाई नन्हें को पीटा, जिससे उन्हें
जानलेवा चोटें आई।
कोर्ट ने शिव प्रसाद व राम किशोर व अमर सिंह को चार चार
साल की कैद व सोलह-सोलह हजार का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई, वहीं राम
प्रकाश को पांच साल की कैद व कुल 26 हजार 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट
ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की धनराशि जमा होने पर कुल अर्थदंड की
धनराशि में से 15 हजार रुपये वादी मुकदमा विनय यादव को तथा 25 हजार रुपये
चुटहिल नन्हें को अदा किए जाए।
उधर, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय
राजमणि ने एक अठारह वर्ष पुराने मुकदमे की सुनवाई पूरी कर मारपीट के अपराध
में तीन अभियुक्तों को दो-दो साल की कैद व ढाई-ढाई हजार रुपये अर्थदंड की
सजा सुनाई। मुकदमे के अनुसार दीवार गिराने के विवाद को लेकर कोतवाली देहात
क्षेत्र के अटवा असिगांव निवासी प्रमोद व उसके चाचा चेतराम को 18 अक्तूबर
96 की रात में गांव के ही सूरज पाल, मेवा और रामकुमार ने मारापीटा था।