हरदोई। सोमवार को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक जाम लगा रहा। गंभीर रोगियों को लेकर लखनऊ जा रही एंबुलेंस और वृद्ध भी घंटो जाम में फंसकर हलकान हुए। सूचना पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया तो स्थिति और विकट हो गई। काफी देर बाद अपने आप यातायात सामान्य हुआ।
शहर में बड़े वाहनों की एंट्री जाम का कारण बन रहा है। सोमवार को सुबह करीब नौ बजे से जाम लगने का सिलसिला चालू हुआ। लगभग दस बजे नुमाइश चौराहा से बावन चुंगी चौराहा तक।
घंटा घर रोड, सोल्जर बोर्ड चाैंराहा, सिनेमा चौराहा, बड़ा चौराहा, जिला अस्पताल रोड तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके चलते यातायात प्रभारी दीनदयाल ने अस्पताल रोड पर जाम खुलवाने पहुुंचे।
पर बड़े वाहनों के कारण स्थिति और बिगड़ गई। करीब 11 बजे तक शहर के सभी प्रमुख चौराहों से लेकर मुख्य सड़क पर सैकड़ों की तादाद में दो पहिया और चार पहिया वाहन फंस गए। इससे जाम में फंसे लोगों को परेशान होना पड़ा। इस दौरान जिला अस्पताल से गंभीर रोगी को लेकर जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंस गई।
जाम की समस्या से निपटने के लिए सीओ सिटी अजीत सिंह मौनीबाबा चौराहा और नुमाइस चौराहा पर शहर कोतवाल कमलेश नारायण पांडेय ने जाम खुलवाने का प्रयास चालू किया। इसके बाद भी करीब चार बजे तक घंटा घर रोड, सोल्जर बोर्ड चौराहा और नुमाइश चौराहा पर जाम की स्थिति बनी रही।
घंटाघर रोड पर जाम का कारण प्राइवेट बसों को सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ पर खड़ी किया जाना है। इसके कारण इस रोड पर रोजाना ही जाम की स्थिति बनी रहती है। दिन में जाम लगने की बड़ी वजह दिन में बड़े वाहनों की एंट्री होना है।
जबकि सुबह 8 बजे से रात के 8 बजे तक शहर में बड़े वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित है। बड़े वाहन चालक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी से लेन-देन कर शहर की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं। यही बड़े वाहन जाम शहर में जाम का कारण बनते हैं।
एसपी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि सुबह 8 से रात के 8 बजे तक शहर की सीमा में बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। इसके लिए जिले की सीमा पर बैरियर और पुलिसकर्मी ड्यूटी पर रहते हैं। इसके बाद भी यदि वाहन आते हैं तो गलत है। इस संबंध में कोतवाल व एसओ को निर्देशित करेंगे।