फोटो- 10- मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन ट्रामा सेंटर। संवाद
- 50 बेड के ट्रामा सेंटर में रहेंगी बेहतर व आधुनिक सुविधाएं
- मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर से ही संचालित होंगी इमरजेंसी सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोत्तरी तो हो रही है, लेकिन आज भी गंभीर मरीजों को हायर सेंटर ही जाना पड़ रहा है। गंभीर घायलों और बर्न रोगियों के लिए व्यवस्था ही नहीं है। हालांकि, अब उम्मीद जगी है कि गंभीर मरीजों को जिले में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा। मेडिकल कॉलेज में ट्रामा सेंटर बनने से मरीजों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है। इससे उन्हें काफी राहत मिलेगी।
हादसों में घायल या क्रिटिकल मरीजों का जिले में उपचार नहीं हो पा रहा हैं। मरीज को बेहतर सुविधा देने के लिए हरदोई लखनऊ रोड पर नयागांव के पास वर्ष 2016 में 2.61 करोड़ रुपये खर्च कर 20 बेड का ट्रामा सेंटर तो बना दिया गया, लेकिन मरीजों को भर्ती कर इलाज नहीं किया जा सका। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में आने पर गंभीर मरीजों को हायर सेंटर ही रेफर किया जा रहा है। उम्मीद है, कि अब ऐसे मरीजों को जिले में ही इलाज मिल सकेगा। मेडिकल कॉलेज में 50 बेड का ट्रामा सेंटर बनाया जा रहा है। करीब 24.64 करोड़ रुपये से ट्रामा सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। इसकी 2.45 करोड़ रुपये की धनराशि से काम कराया जा चुका है और अब आगे का काम शुरू हो गया है। अधिकारियों के अनुसार एक नवंबर 2026 तक निर्माण कार्य पूरा लिया जाएगा और इसके बाद ट्रामा सेंटर का संचालन कर दिया जाएगा। इससे मरीजों को काफी राहत मिल सकेगी।
इमरजेंसी को भी किया जाएगा शिफ्ट
हरदोई। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना औसतन 200 मरीज पहुंचते हैं। इनमें से गंभीर रूप से 60 से 70 मरीज तो हो जाते हैं। समुचित संसाधनों में जिन मरीजों का इलाज जिले में हो जाता है उन्हें तो भर्ती कर लिया जाता है। गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। मेडिकल कॉलेज में बनने वाला ट्रामा सेंटर के लिए 24 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी है। इससे ट्रामा सेंटर में कई आधुनिक मशीनों को भी लगाए जाने की उम्मीद है और इमरजेंसी को भी ट्रामा सेंटर में शिफ्ट किया जाएगा। इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
वर्जन
ट्रामा सेंटर में सभी आकस्मिक सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। निर्माण कार्य पूरा होते ही सभी संसाधनों के साथ ट्रामा सेंटर का संचालन कराया जाएगा। कोशिश यही है कि इमरजेंसी आने वाले मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके।
डॉ. जेबी गोगोई
प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज