हरदोई। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए उम्मीद भरी खबर है। बेसिक शिक्षा विभाग ने पदोन्नति (प्रमोशन) की अटकी प्रक्रिया को एक बार फिर गति देने के संकेत दिए हैं। इससे तीन हजार शिक्षकों को लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि पिछले 10 साल में पंद्रहवीं बार नए सिरे से वरिष्ठता सूची तैयार की जा रही है। पूर्व में तैयार की गई सूची एक बार भी अंतिम फैसले के निकट नहीं पहुंच सकी।
जिले में वर्तमान में 3,446 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में 9,489 शिक्षक तैनात हैं। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों को 10 साल से पदोन्नति का इंतजार है। पदोन्नति प्रक्रिया में 72 हजार भर्ती प्रक्रिया के बाद के सभी शिक्षक आ रहे हैं। विभाग की ओर से पदोन्नति के लिए 10 साल में 14 बार वरीयता सूची तैयार कराई जा चुकी है। इस बार शासन की ओर से फिर से पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की गई।
इस प्रक्रिया से जिले के ढाई से तीन हजार शिक्षकों को लाभ मिलेगा। पदोन्नति से पूर्व छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों में पदों को सृजित किया जाएगा। सृजित पद के सापेक्ष ही शिक्षकों की पदोन्नति होगी। विगत बार तैयार वरीयता सूची में दो हजार शिक्षक शामिल थे। इसके सापेक्ष 16 सौ के आसपास पद सृजित किए गए थे। शासन की ओर से पदोन्नति प्रक्रिया को हरी झंडी मिलने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रभात मिश्र की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को शिक्षकों की वरीयता सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बार पूरी की जाए पदोन्नति प्रक्रिया
परिषदीय शिक्षकों की 10 साल से पदोन्नति नहीं हुई। 14 बार प्रक्रिया के तहत वरिष्ठता सूची तैयार की जा चुकी है। इसके बाद प्रक्रिया रोक दी गई। शिक्षक काफी समय से पदोन्नति के लिए इंतजार कर रहे हैं। इस बार प्रक्रिया को पूरा किया जाए ताकि शिक्षकों को पद का लाभ मिल सके। -योगेश त्यागी, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ