पिहानी (हरदोई)। रहमत और बरकत का महीना रमजान सोमवार से शुरू हो सकता है। सोमवार को रमजान के चांद की तस्दीक होते ही इशा की नमाज के बाद से नमाज-ए-तरावीह शुरू हो जाएगी। यह ईद का चांद दिखने के बाद ही खत्म होगी। शहर के तमाम उलमा ने लोगों से सोमवार को रमजानुल मुबारक का चांद देखने की अपील की है।
अल्लाह के रसूल ने फरमाया कि शाबान मेरा महीना है और रमजान अल्लाह का महीना है। इस माह में नेकी का बदला सत्तर गुना बढ़ाकर बंदे के खाते में लिखा जाता है। रमजान के तीस रोजे बुराई से दूर रहने के संदेश के साथ साथ गरीबों की भूख का भी एहसास कराते हैं। अल्लाह का कलाम कुरान शरीफ इसी माहे मुबारक में नाजिल हुआ था। इसलिए इस माह कुराने पाक की तिलावत का सिलसिला भी पूरे माह चलेगा। मस्जिदों में तरावीह नमाज के दौरान भी कुरान पाठ का सिलसिला चलेगा। इसके लिए अलग- अलग मस्जिदों में प्रतिदिन तरावीह में अलग- अलग संख्या में पारे (पाठ) पढ़ाए जाने की तैयारी है।
सोमवार की शाम मगरिब नमाज के बाद चांद का दीदार किया जाएगा। चांद निकलने पर सोमवार शाम से ही रमजान की मुबारक साअतों (क्षणों) का आगाज हो जाएगा। शिद्दत की गरमी में तकरीबन सोलह घंटे की भूख- प्यास झेल कर बंदे अपने मालिक से मोहब्बत और अकीदत के साथ सब्र का नमूना भी पेश करेंगे। सहरी और इफ्तार के विशेष पकवान की दुकानें सजने लगी हैं। मुुस्लिम बाहुल्य इलाकों में इस तरह की दुकानें बड़ी संख्या में लगाई जाने लगी हैं।
दुकानदारों ने तमाम पकवानों के साथ साथ इस बार शर्बत के अलग अलग फ्लेवर पर भी खास तवज्जो दी है। गरमी में रोजेदार रोजे खोलने के लिए खजूर के बाद शर्बत को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। रूहअफज़ा से लेकर दूसरे तमाम शर्बत बाजार में बिक्री के लिए सजे हुए हैं। ईदगाह के इमाम मौलाना उसमान गनी ने कहा है कि यदि चांद नजर आया तो पहली तरावीह सोमवार की रात से शुरू हो जाएगी। इबादतों के दौरान मस्जिदों में शोरशराबे से परहेज की अपील के साथ उन्होंने मुस्लिमों को हालते रोजा मेें सब्र करने को कहा है।