कोतवाली क्षेत्र में एक मामले में थाने पर दो दिन
पहले पूछताछ के लिए बुलाए गए वृद्ध घर नहीं पहुंचे और मंगलवार को उनका
लहूलुहान शव गांव की एक झाड़ियों में पड़ा मिला। घटना से गुस्साएं
ग्रामीणों व परिजनों ने एसएसआई समेत दो पुलिस कर्मियों पर आरोप लगाते हुए
सड़क पर जाम लगा नारेबाजी कर दारोगा को लोगों ने घेर लिया।
सूचना पर पहुंचे
सीओ समेत आस पास की थाना पुलिस ने दारोगा को छुड़ाया और लोगों को समझा
बुझा जाम खुलवाया। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेजा। ग्राम
मझिगवां निवासी माया पत्नी महावीर ने शिकायत पर थाने के एसएसआई हरदीप सिंह
चीमा ने शनिवार को दो सिपाहियोें को भेजकर आरोपी देशराज (60) को कोतवाली
बुलाया था।
शाम तक जब वह घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने खोजबीन की, पर कोई
सुराग नहीं लगा। इस पर देशराज की पत्नी दुलारी ने एसपी को पत्र दे शिकायत
की थी कि उसके पति को थाने में पूछताछ को बुलाया गया था। उसने मायादेवी
पत्नी महावीर, उसके पुत्र चुरई, अमित, संदीप आदि पर पति को गायब करने का
आरोप लगाया था।
इसके बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
मंगलवार की सुबह देशराज की साइकिल मढिगवां मार्ग स्थित गैस एजेंसी के पास
पड़ी मिली, जिस पर परिजनों ने उसकी खोजबीन की तो कुछ दूर पर खून से सना
चाकू और डंडा पड़ा मिला।
आगे झाड़ियों में देशराज का शव पड़ा था। इस
घटना से गुस्साएं ग्रामीणों ने कोतवाली पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते
हुए सड़क पर जाम लगा नारेबाजी शुरू कर दी। जाम की सूचना मिलते ही दारोगा
मौके पर पहुंचे तो लोगों ने दारोगा को घेर लिया।
जानकारी मिलते ही सीओ
हरियावां पीके मिश्र और सीओ संडीला चरन सिंह मौके पर पहुंचे और दारोगा को
वहां से हटाया। आरोपियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन मिलने पर परिजन शांत
हुए और पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा। मामले में मृतक के
पुत्र रामसहाय ने आरोपियों के विरुद्ध घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।