हरदोई। प्रबंधकीय स्कूलों में शिक्षकों के शोषण पर रोक की मांग समेत अन्य मांगों के समर्थन में माध्यमिक शिक्षकों ने धरना दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा।
उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले बुधवार को संघ पदाधिकारी और शिक्षक डीआईओएस कार्यालय पर एकत्र हुए। मांगों और समस्याओं पर चर्चा की। सभा में जिलाध्यक्ष राजीव कुमार मिश्र ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान समय से किया जाना चाहिए। प्रबंधकों की बढ़ती शोषण प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जाए। संचालन करते हुए जिला मंत्री किसान चौरसिया ने कहा कि शैक्षिक सत्यापन में देरी, एनपीएस के अपडेशन, पदोन्नति और चयन व पदोन्नति वेतन के मामलों का समय से समाधान न होने से शिक्षकों को दिक्कतें हो रही हैं।
सभा को आदेश कुमार शुक्ला, राजीव कुमार, मनोज कुमार, सतगुरु प्रसाद वर्मा, प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. राजेश तिवारी, प्रदीप पांडेय, संजय पांडेय, अरुण मिश्र ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री को संबोधित दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग-2023 विधेयक की धारा 11 को समाप्त किया जाए। एनपीएस से वृद्धावस्था में पेंशन जीवनयापन योग्य नहीं है। वित्तविहीन विद्यालयों में समान काम के लिए समान वेतनमान और सेवा शर्तों को लागू किया जाए। व्यावसायिक शिक्षकों को पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा दिया जाए आदि मांगे की गई हैं।