जवाहर नवोदय विद्यालय में छह बच्चियों की बीमारी के
मामले में जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को एसडीएम डा. अशोक शुक्ला ने
विद्यालय पहुंच कर प्रधानाचार्या, स्टाफ और छात्राओं से पूछताछ कर उनके
बयान दर्ज किए। एसडीएम ने बताया कि मैटर्न पर लगे आरोपों की सभी ने पुष्टि
हुई और जिन छात्राआें की तबियत खराब हुई थी वह भी अब स्वस्थ हैं।
उन्होंने
बताया कि मैटर्न को हटाकर उनका चार्ज हाउस की वार्डन को फिलहाल दिया गया
है। बताया कि जल्द ही नई मैटर्न की तैनाती की जाएगी। उन्होंने छात्राओं से
सामान्य होकर पढ़ाई पर तवज्जो देने की बात कही है। बताया कि अपनी रिपोर्ट
जिलाधिकारी को भेजेंगे।
ज्ञात हो कि कि इटारा स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय
में बीते रविवार की सुबह छह छात्राएं को सिर दर्द और बुखार से पीड़ित होने
पर प्रधानाचार्या ने उन्हें सीएचसी भेजा था, जहां से चिकित्सक ने उन्हें
जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। जहां हालत में सुधार के बाद उन्हें विद्यालय
भेज दिया गया।
इस मामले में डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने विद्यालय
पहुंचकर प्रधानाचार्या व टीचरों से घटना की बिंदुवार जानकारी ली। इसके
बाद उन्होंने स्कूल के बच्चों से पूछताछ की, फिर उन्होंने पीड़ित छात्राओं
के बयान दर्ज किए। जिसमेें छात्राओं ने बताया कि मैटर्न ने चोरी पकड़े जाने
से नाराज होकर उन लोगों को गालियां और ताने दिए थे।
इससे आहत होकर वह सहम
गईं और सारी रात मैटर्न की अभद्रता से से भयभीत होकर घबराने लगीं। घबराहट
और तनाव में उन्हें तेज बुखार आ गया, जिसके बाद से वह हाथ पैर पटखने लगी
थीं, जिससे उन्हें अस्पताल भेजा गया था। एसडीएम ने बताया कि मैटर्न ने
बच्चियों के साथ जो व्यवहार किया वह निंदनीय था।
उन्होंने बताया कि खौफजदा
बच्चियों के बुखार आने की घटना में चिकित्सकों की अतिरिक्त सतर्कता और
गंभीरता को ज्यादा तूल देने की कोशिश की गई। छात्राओं से मिलने के बाद
उन्होंने कहा कि वह एकदम स्वस्थ हैं और उनसे नई मैटर्न की बात कह कर पढ़ाई
पर ध्यान देने की बात कही गई है।