हरदोई। कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के बच्चों को दूसरों स्कूलों से जोड़ा गया है। चालू शैक्षिक सत्र में जुलाई में पहले दिन 158 स्कूलों में पढ़ाई नहीं हुई। स्कूल तो खोले गए, पर बच्चों की न तो हाजिरी लगाई गई और न ही इन विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बना। इन स्कूलों के बच्चे पढ़ाई के लिए नवीन स्कूल गए, जबकि शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोइसों ने तैनाती यानी पुराने स्कूल में ही हाजिरी लगाई।
बेसिक शिक्षा विभाग ने 50 छात्र संख्या से कम वाले स्कूलों के बच्चों को दूसरे स्कूलों से जोड़ने के आदेश दिए हैं। 50 कम छात्र संख्या वाले स्कूलों की श्रेणी में 158 स्कूल चिह्नित हुए हैं। वैसे तो जिले में 3,446 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। जिसमें 407 संविलियन स्कूल हैं। 620 जूनियर हाईस्कूल और 2,419 प्राथमिक स्कूल शामिल हैं। इन विद्यालयों में वैसे तो अप्रैल में शैक्षिक सत्र के शुरूआत पर बच्चों के नामांकन किए गए। स्कूल चलो अभियान भी चलाए गए। शासन की व्यवस्था पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने 158 स्कूलों के बच्चों को दूसरे स्कूलों में जोड़ने के आदेश दिए हैं। बताया कि यह आदेश मंगलवार से ही प्रभावी करा दिए गए हैं, जबकि शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोइयों ने तैनाती स्कूल में ही हाजिरी लगाई है।
- विकास खंड बेहंदर का प्राथमिक विद्यालय मंडिलहा।
- चालू शैक्षिक सत्र में वहां पर 10 बच्चों का नामांकन हुआ। कम छात्र संख्या में नामांकन होने पर अपर्याप्त नामांकन वाले विद्यालय की श्रेणी में चिह्नित किया गया। मंडिलहा के बच्चों को करीब तीन किलोमीटर दूर गौरी दायमपुर प्राथमिक स्कूल से जोड़ा गया है। अब गौरी दायमपुर स्कूल में कुल 133 बच्चे हो गए हैं। बच्चों के लिए तीन किलोमीटर की दूरी तय कर पढ़ाई के लिए जाना और आना दिक्कतों भरा हो गया है।
- विकास खंड बेहंदर का प्राथमिक विद्यालय बनियन खेड़ा।
- चालू शैक्षिक सत्र में वहां पर 12 बच्चों का नामांकन हुआ। अपर्याप्त नामांकन की श्रेणी में इस विद्यालय को भी चिह्नित किया गया। वहां के बच्चों को करीब दो किलोमीटर दूर घुसपहा के प्राथमिक विद्यालय से जोड़ा गया है। अब घुसपहा प्राथमिक विद्यालय में कुल 72 बच्चे हो गए हैं। वहां पर बच्चों के लिए स्कूल की दूरी बढ़ गई है।
नवीन स्कूलों में ही बच्चों को मिलेगा मध्याह्न भोजन
परिषदीय स्कूलों में कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के बच्चों को दूसरे स्कूलों से जोड़ा गया है। जिला समन्वयक ने बताया कि एक जुलाई से ही इन बच्चों को नवीन स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना में दोपहर में गरमा-गरमा भोजन की व्यवस्था शुरू करा दी गई है। बच्चों को दिन के अनुसार तय मीनू से भोजन व फल और दूध आदि का वितरण किया जाएगा।
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शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोइयों को तैनाती स्कूलों में ही देनी होगी हाजिरी
कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों के चिह्नीकरण और बच्चों को दूसरे स्कूलों में जोड़ने का काम जिला समन्वय प्रशिक्षण दिलीप शुक्ला देख रहे हैं। बताया कि अब तक 158 विद्यालयों के बच्चों को पास के विद्यालयों में जोड़ा गया है। जिनकी मंगलवार से ही हाजिरी वहां पर ली जाएगी। बताया कि शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोइयों को अपने मूल तैनाती स्कूलों में ही हाजिरी देनी होगी। शिक्षकों, शिक्षामित्रों और रसोइयों के संबंध में शासन से मिलने वाले आदेश के क्रम में प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
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विकास खंड टोडरपुर की ग्राम पंचायत फैजुल्लापुर के प्रधान अजय पाल ने बच्चों को दूसरों स्कूलों से जोड़ने को अव्यवहारिक बताया है। बताया कि वह बच्चों को दूसरे स्कूलों में जोड़े जाने से समहम नहीं हैं। जिससे बच्चों को एक तो विद्यालय जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी होगी। बिलालपुर गांव के बच्चों के अभिभावक भगवान शरण, सर्वजीत, राजकुमार, वीरेंद्र कुमार ने बताया कि बिलालपुर स्कूल को बंद किया गया है। अब बच्चों को चार किलोमीटर दूर पढ़ने जाना होगा, जो प्रतिदिन संभव नहीं हो पाएगा।अभिभावक रमनेश मिश्रा ने बताया कि निजामपुर स्कूल के बच्चों को सैदपुर स्कूल से जोड़ा गया है। जिससे अब निजामपुर के बच्चों को एनएच-731 पार कर स्कूल जाना और आना होगा। हादसों की आंशका रहेगी।